“सावन में मोरनी बन के मैं तो झम-झम नाचूं” पर थिरकीं जमशेदपुर की महिलाएं


जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): सावन हरियाली का प्रतीक माना जाता है. सावन एक नया जीवन और नई खुशहाली दर्शाता है. सावन के आते ही महिलाओं का जोश और उत्साह दोनों दुगना हो जाता हैं. महिलाएं इस महीने का इंतजार विशेष तौर पर करती हैं. महीने भर भोले नाथ की पूजा-अर्चना करती हैं. हाथों में हरी चूड़ियां और सोल्हा शृंगार कर महिलाएं सावन महोत्सव मनाती हैं. इस आयोजन में वह नाच, गाना और खूब मस्ती करती हैं. राज्यभर में बड़े ही उत्साह के साथ सावन महोत्सव मनाया जा रहा है. इसी कड़ी में जमशेदपुर के बिष्टुपुर और सुनारी में महिलाओं ने हर्षोल्लास के साथ सावन मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया.

“गोरी तोरी चुन्नरी बा, लाल-लाल रे”
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश स्तुति की प्रस्तुति के साथ दीप प्रज्ज्वलित की गई. इसके बाद भारत के विभिन प्रांतों के सुंदर नृत्य प्रस्तुत किए गए, शिव तांडव और सूफी नृत्य ने तो लोगों का मन मोह लिया. ढोलक की ताल पर सदस्यों ने बेहद खूबसूरत नगमे प्रस्तुत किये. मनोरंजन के लिए कई तरह के खेल का भी आयोजन किया गया. सभी महिलाओं ने रैंप वॉक किया. “गोरी तोरी चुन्नरी बा, लाल-लाल रे” गाने पर जमकर ठुमके लगाएं. और कई ने सानव रानी की खिलाब भी जीता.
रिपोर्ट: रंजीत ओझा, जमशेदपुर
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