दामोदर और स्वर्णरेखा नदी 95 फीसदी से अधिक औद्योगिक प्रदूषण से मुक्त : सरयू राय

    दामोदर और स्वर्णरेखा नदी 95 फीसदी से अधिक औद्योगिक प्रदूषण से मुक्त : सरयू राय

    जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): विधायक सरयू राय ने कहा है कि आज 95 फीसदी से अधिक दामोदर नदी और स्वर्णरेखा नदी औद्योगिक प्रदूषण से मुक्त हो चुकी हैं. उन्होंने अपने जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित अपने आवासीय कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों की टीम के साथ नदियो की यात्रा की है.  ये यात्रा 22 मई जैव विविधता दिवस से 26 मई तक स्वर्णरेखा नदी के उदगम स्थल चूल्हा पानी से मऊभंडार तक, वहीं 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस से 9 जून गंगा दशहरा तक दामोदर नदी की यात्रा की गई. इस दौरान प्रदूषण स्तर की समीक्षा की. इसकी रिपोर्ट राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजी गयी है.

    मैला ढोने वाली मैला गाड़ी बन गईं नदियां

    सरयू राय ने बताया कि समीक्षा यात्रा के दौरान पाया गया कि इन नदियों में नगरीय प्रदूषण बढ़ा है. बढ़ते हुए शहरीकरण से इस प्रदूषण में बढ़ोतरी हो रही है. टाटा लीज के सीमित क्षेत्र को छोड़कर राज्य में कहीं भी सिवरेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था काम नहीं कर रही है. नतीजा है कि नदियां, जिन्हें हम मां कहते हैं, मैला ढोने वाली मैला गाड़ी बन गई हैं. उन्होंने बताया कि अट्टालिकाओं वाले हमारे बड़े शहर स्लम में बनने की ओर अग्रसर हैं. छोटे शहरों का बेतरतीब विकास हो रहा है. सिवरेज सिस्टम, विभिन्न श्रेणी के ठोस कचरा, मेडिकल कचरा, हानिकारक कचरा आदि के विस्तार की व्यवस्था का अभाव है. नदी, नालों का अतिक्रमण हो रहा है. इनके किनारे बसने वाले अपना जल, मल, मूत्र सीधे नदी-नाला में डाल रहे हैं. पेयजल का शुद्धीकरण केवल फिटकिरी और क्लोरीन से हो रहा है जो मल से निःसृत बैक्टिरिया को नहीं मार पाते हैं. वे बैक्टीरिया, जीवाणु घरों तक पहुंचते है. डायरिया, इकोलाई, बिकोलाई, टायफायड का कारण बनते हैं.

    जलस्रोतों को संरक्षित करने के लिये बने कानून 

    सरयू राय ने बताया कि अब वो स्वयंसेवक समूहों और पर्यावरण प्रेमियों को साथ लेकर अभियान का दूसरा चरण शुरू करने जा रहे हैं. दोनों नदी को औद्योगिक प्रदूषण से मुक्त करने की पहले चरण की सफलता के बाद इन्हें नगरीय प्रदूषण से मुक्त करने के दूसरे चरण का अभियान चलाने का निर्णय रजरप्पा में 8 जून को लिया गया. उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि नदियों एवं जलस्रोतों को संरक्षित करने के लिये कानून बनाये. 15 दिनों में सरकार इसके लिये विधेयक लाने की घोषणा करे अन्यथा वे विधानसभा के अगले सत्र में इस बारे में एक निजी विधेयक लायेंगे.

    रिपोर्ट: रंजीत ओझा, जमशेदपुर


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