साहिबगंज(SAHIBGANJ):साहिबगंज जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है.दूर-दराज पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए इलाज आज भी कि सी चुनौती से कम नहीं है.ताजा मामला शनिवा र देर शाम का है, जब बांसकोला पहाड़ इलाके से एक बीमार व्यक्ति को खटिया पर लिटाकर परिजन और ग्रामीण कई किलोमीटर तक कंधे पर उठाकर सदर अस्पताल पहुंचे.यह दृश्य सिर्फ एक घटना नहीं,बल्कि सिस्टम की उस हकीकत को बयां करता है,जहां आज भी सड़क,एम्बुलेंस और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं सपना बनी हुई है.
अब तक सड़क नसीब नहीं
ग्रामीणों के अनुसार इलाके में सड़क नहीं होने और एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण मरीज को इस तरह लाने की मजबूरी बनी.रास्ता इतना दुर्गम था कि कोई वाहन वहां तक पहुंच ही नहीं सकता.हर बार ऐसी घटनाओं के बाद प्रशासन द्वारा सुधार के दावे किए जाते है,लेकिन जमीनी हकीकत अब भी नहीं बदल पाई है.ढाक के तीन पात वाली स्थिति आज भी बरकरार है, जहां घोषणाएं तो होती है,पर अमल नहीं दिखता.
कब तक संघर्ष करते रहेंगे ग्रामीण ?
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों के लोग इस तरह जान जोखिम में डालकर इलाज के लिए संघर्ष करते रहेंगे?स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क निर्माण और स्वास्थ्य सेवा ओं को बेहतर बनाया जाए,ताकि भविष्य में किसी मरीज को खटिया पर ढोकर अस्पताल लाने की नौबत न आए.
रिपोर्ट-साहिबगंज ब्यूरो
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