गढ़वा(GARHWA):गढ़वा के शहर के एक निजी विद्यालय के कार्यक्रम मे चहल कदमी करता रोबोट डॉग आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. कभी हाथ मिलाता तो कभी डांस करता तो कभी खड़ा होकर उछलता यह रोबोट डॉग लोगो को यह बता रहा है कि अब युग टेक्नोलॉजी का है एआई का है. दरअसल स्कूल शिक्षा में AI एवं रोबोटिक्स का महत्व कितना ज्यादा हो गया है की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स तेजी से हमारे जीने, काम करने और सीखने के तरीके को बदल रहे है.
गढ़वा में अब एआई तकनीक से होगी स्कूलों मे पढ़ाई
इन तकनीकों को स्कूल शिक्षा में शामिल करना अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन गया है. यह छात्रों को समस्या-समाधान, रचनात्मकता, तार्किक सोच और नवाचार जैसी महत्वपूर्ण कौशलों से सशक्त बनाते है, जिससे वे भविष्य के कार्यक्षेत्र की मांगों के लिए तैयार हो सकें. रोबोट डॉग बनाने वाली कम्पनी के जनरल मैनेजर सुशांत बनर्जी ने बताया की आज हमें गर्व हो रहा है कि UOLO Edtech Private Limited ने भारत भर के हजारों स्कूलों में AI और रोबोटिक्स कार्यक्रम सफलतापूर्वक लागू किए है. छात्र नियमित स्कूल समय के दौरान अपने मुख्य शैक्षणिक पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में इन भविष्य-उन्मुख कौशलों को सक्रिय रूप से सीख रहे है.
सभी तरफ स्कूल की हो रही है आराधना
आज हमें BSKD पब्लिक स्कूल के साथ जुड़कर अत्यंत खुशी हो रही है, जिसने एक सराहनीय और अग्रणी पहल की है. यह झारखंड के गढ़वा जिले का पहला स्कूल है जिसने प्राथमिक कक्षाओं से ही रोबोटिक्स शिक्षा की शुरुआत की है जो अन्य स्कूलों के लिए एक मजबूत उदाहरण स्थापित करता है. विद्यालय के साथ हम पार्टनर के रूप में, मैं इस सहयोग पर अत्यंत गर्व महसूस करता हूँ.विद्यालय जिनकी दूरदर्शी सोच और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पण वास्तव में प्रशंसनीय है. हमारी हर बातचीत में हमने उनकी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की गहरी प्रतिबद्धता और जुनून को महसूस किया है.
विद्यालय के निदेशक संजय सोनी ने कहा
विद्यालय के निदेशक संजय सोनी ने कहा कि यह युग है हाई टेक्नोलॉजी का और हम अभी से इसे अपनाना चाहते है क्योंकि अन्य जगहों पर आज हमसे लोग दस साल आगे है बच्चों की पढ़ाई भी अब एआई तकनिक से हो इसे लेकर हम अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दिए है. आज तकनीक हमारे दैनिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बनती जा रही है, और इस साझेदारी के माध्यम से हमें विश्वास है कि हम छात्रों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देकर भविष्य की चुनौतियों और बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं का सफलतापूर्वक सामना कर पाएंगे.हमारा पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के सिद्धांतों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमे कम उम्र से ही कौशल विकास पर विशेष जोर दिया गया है. इससे यह सुनिश्चित होता है कि छात्र न केवल शैक्षणिक रूप से मजबूत बनें, बल्कि भविष्य के लिए भी पूरी तरह तैयार हो.
रिपोर्ट-धमेंद्र कुमार
Thenewspost - Jharkhand
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