पढ़िए कैसे धनबाद पुलिस पहुंची प्रिंस खान और विकास सिंह के NEXUS तक 

    पढ़िए कैसे धनबाद पुलिस पहुंची प्रिंस खान और विकास सिंह के NEXUS तक

    धनबाद(DHANBAD): वासेपुर के कुख्यात प्रिंस खान गिरोह   के साथ धनबाद के अंबिकापुरम  निवासी विकास सिंह का संबंध जानने के लिए धनबाद पुलिस ने धैर्य, चालाकी और सूझबूझ से काम लिया.  किसी को पता भी नहीं चला और पुलिस गैंग के "किंगपिन"" तक पहुंच गई.  हालांकि इसकी शुरुआत पिछले  महीने के पहले सप्ताह में ही हो गई थी.  पुलिस ने आईएसएम न्यू कॉलोनी के रहने वाले शिवम प्रसाद उर्फ शिवा  को उठाया.  उसे पूछताछ की.  पुराना बाजार के घराना ज्वेलर्स और मटकुरिया  रोड में सलूजा मोटर्स में हुई फायरिंग मामले में शिवा की गिरफ्तारी हुई थी.  पूछताछ में शिवा टूट गया और बताया की एंबुलेंस चलाने वाले रोशन सिंह से वह हथियार लेता था. 

    शिवा को पुलिस ने उठाया  और खुलते गए राज 

     रोशन सिंह के बारे में जब पुलिस ने जांच -पड़ताल शुरू की तो प्रिंस खान गैंग और विकास सिंह का कनेक्शन सामने आया.  सूत्रों के अनुसार पुलिस को यह साक्ष्य  मिले कि  रोशन सिंह ही विकास सिंह से हथियार लेकर प्रिंस खान गिरोह को दे रहा था.  उसके बाद कई सप्ताह तक धनबाद पुलिस विकास सिंह और प्रिंस खान के कनेक्शन को जोड़ती रही.  उसके बाद जब आगे बढ़ी तो कड़ी दर कड़ी जुड़ती चली गई.  इस बीच पुलिस के हाथ एक और सफलता लग गई.  प्रिंस खान का शूटर कथित मेजर पुलिस के हाथ  लग गया.  उसने प्रिंस खान और विकास सिंह के रिश्ते को पुख्ता कर दिया.  वह पुलिस को भरमाने  की भरपूर कोशिश की.  लेकिन पुलिस अपने सूचना तंत्र का इस्तेमाल कर उसे भी तोड़ने में सफल हो गई.  पुलिस को पता चला कि  उसके कई नाम है और कई नाम से वह काम करता था. 

    कतरास छाताबाद का रहने वाला है नसीम अंसारी
     
    उसका असली नाम नसीम अंसारी  है. कतरास छाताबाद  का रहने वाला है लेकिन पैरोल पर छूटने के बाद वह इधर-उधर घूमते हुए अपने ससुराल में 2 वर्षों से छुप कर रहा था और मेजर बनाकर लोगों को धमका रहा था.  उसके बाद पुलिस ने पुख्ता जानकारी जुटाने  के बाद बुधवार को विकास सिंह को हिरासत में ले लिया. उसे शहर से दूर थाने में रखकर कई दिनों तक पूछताछ की गई. पूछताछ में और कई सूचना  मिलती चली गई और पुलिस कार्रवाई करती रही. हालांकि अभी भी पुलिस 5 से 6 लोगों की तलाश कर रही है और पुलिस के पास जो सूचनाएं  मिल रही है या मिली है, उसके आधार पर उन तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.  धनबाद पुलिस के लिए यह  एक बड़ी उपलब्धि गिनी जा सकती है.  रंगदारी के लिए फायरिंग और बमबाजी के कारण धनबाद के कारोबारी परेशान थे.  पैरोल पर छूट कर भागने वाला नसीम अंसारी भी फिर जेल चला गया है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



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