धनबाद जेल में गैंगस्टर अमन सिंह को मरवाने का दावा करने वाला आशीष रंजन उर्फ़  छोटू सिंह एनकाउंटर में कैसे मारा  गया,पढ़िए

    धनबाद जेल में गैंगस्टर अमन सिंह को मरवाने का दावा करने वाला आशीष रंजन उर्फ़  छोटू सिंह एनकाउंटर में कैसे मारा  गया,पढ़िए

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद के कुख्यात अपराधी आशीष रंजन उर्फ़  छोटू सिंह के खिलाफ धनबाद में दर्जन भर से अधिक मुकदमे दर्ज है.  धनबाद पुलिस भी उसके पीछे पड़ी हुई थी.  धनबाद की एक पुलिस टीम अभी भी उसकी खोज में बाहर है.  लेकिन इस बीच उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एनकाउंटर में वह मारा  गया है.  मरने  के पहले उसने पुलिस पर भी ताबड़तोड़ फायरिंग की लेकिन पुलिस भारी  पड़ी और पहले तो उसे घायल कर पकड़ा, लेकिन जब उसे अस्पताल पहुंचाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. धनबाद का कुख्यात अपराधी आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह जमीन कारोबारी लाला  खान और कतरास के कोयला कारोबारी नीरज तिवारी की हत्या के बाद सुर्खियों में आया.  उसकी गिनती बड़े अपराधियों के रूप में होने लगी थी. 

      उसके बाद जब 3 दिसंबर 2023 को धनबाद जेल में गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या हुई और उसके बाद उसका ऑडियो क्लिप वायरल हुआ. वह जेल की घटना की जिम्मेवारी ली.  उसके बाद  वह खुद को बड़ा अपराधी मानने लगा, लेकिन उत्तर प्रदेश के  प्रयागराज की मिट्टी उसके लिए काल  बन गई और एसटीएफ पर फायरिंग उसकी मौत का कारण बना. बता दे कि जिसने धनबाद जेल में साजिश रच कर गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या कराई, वह जेल के बाहर यूपी में मारा  गया है.  धनबाद जेल के भीतर खून हुआ और साजिशकर्ता  बाहर बैठा रहा. अलबत्ता ऑडियो जारी कर घटना की जिम्मेवारी ली.  यूपी एसटीएफ को सूचना मिली कि चार लाख का इनामी अपराधी प्रयागराज में छुपा हुआ है.  टीम ने घेराबंदी की, आशीष रंजन उर्फ़  छोटू सिंह भागने की कोशिश की. 

    आशीष रंजन ने पुलिस पर गोलियां चलाई, फिर पुलिस ने भी फायरिंग शुरू की और कुछ ही मिनट में छोटू सिंह की कहानी खत्म हो गई.  छोटू सिंह कोई ऐसा वैसा नाम नहीं था, वह अपराध की दुनिया में दहशत   बन चुका था.  रंगदारी, बमबाजी और हत्या उसके लिए आम बात थी.  3 दिसंबर 2023 को उसने वह करा  दिया, जिससे  पूरा सिस्टम हिल गया था.  धनबाद जेल में गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या कर दी गई.  उसके बाद वह धनबाद का डॉन बनने  का सपना देखने लगा था. लेकिन प्रयागराज की जमीन उसके लिए अंतिम गतिविधि साबित हुई.  कहा तो यही जाता है कि उसने ही अमन सिंह को कथित रूप से धनबाद जेल में गोली मारने के आरोपी  रितेश यादव को फर्जी नाम पर  बाइक चोरी के आरोप में जेल भेजवाया. उसके बाद अमन सिंह की हत्या हो गई. हत्या के बाद धनबाद से रांची तक पूरा सिस्टम हिल गया था. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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