रामगढ़ (RAMGARH): जिले के पतरातू प्रखंड की हेसला पंचायत में आज अचानक हालात तनावपूर्ण हो गए, जब PTPS की अधिग्रहित जमीन पर बने सरकारी क्वार्टर खाली कराने की खबर फैल गई. सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग महिलाएं, पुरुष और बच्चे सड़क पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करना शुरू कर दिया.
बताया जा रहा है कि यह विवाद पुराने पीटीपीएस पावर प्लांट की जमीन से जुड़ा है. प्लांट बंद होने के बाद राज्य सरकार ने इस भूमि को JIADA को सौंप दिया था. बाद में जियाडा ने इस जमीन को औद्योगिक विकास के लिए अलग-अलग निजी कंपनियों को आवंटित कर दिया. इसी के तहत अब वहां रह रहे लोगों से आवास खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.
आज सुबह से ही प्रदर्शनकारी पटेल चौक पर इकट्ठा होने लगे और देखते ही देखते सड़क जाम कर दी गई. लोगों ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि वे किसी भी हाल में अपने घर नहीं छोड़ेंगे. कॉलोनी के निवासियों का दावा है कि मामले में अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है, इसलिए प्रशासन की कार्रवाई गैरकानूनी है.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे सालों से यहां रह रहे हैं और बिना पुनर्वास के उन्हें हटाना ठीक नहीं है. उन्होंने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए अपनी मांगों के पूरा होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही. वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अब तक अदालत की ओर से किसी रोक का कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है. उनका जोर इस बात पर है कि औद्योगिक विकास के लिए जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना जरूरी है.
इलाके में बढ़ते विरोध और तनाव को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की तैयारी की जा रही है, ताकि स्थिति नियंत्रण में रखी जा सके.
Thenewspost - Jharkhand
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