जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है. बुधवार को टाटानगर दौरे के दौरान दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन ने यह राहत भरी जानकारी दी. उन्होंने भरोसा दिया है कि रेलवे अब पहले यात्री ट्रेनों को चलाएगी, इसके बाद ही मालगाड़ियों को चलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि यात्री ट्रेनों को समय पर चलन रेलवे की जिम्मेवारी है. अब किसी हाल में मालगाड़ियों को पहले नहीं चलाया जाएगा. यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाएगी. पिछले कुछ सालों से यात्री ट्रेनों को जहां-तहां खड़ी कर मालगाड़ियों का परिचालन किया जाता था. लोकल ट्रेनें हो या एक्सप्रेस, सभी ट्रेनों को विभिन्न स्टेशन और आउटर ने खड़ा कर दिया जाता था. बुधवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन में रेल यात्री संघर्ष समिति के साथ आयोजित बैठक में जीएम ने पहले यात्री ट्रेनों का परिचालन करने का भरोसा दिया. बैठक में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, समिति के संरक्षक शिव शंकर सिंह मौजूद रहे. सांसद विद्युत वरण महतो भी बैठक में मौजूद थे. जीएम के इस आश्वासन के बाद रेल यात्रा संघर्ष समिति ने आगे होने वाले आंदोलन को फिलहाल टाल दिया है. बैठक के दौरान यात्रियों की समस्याओं, ट्रेनों की देरी, मालगाड़ियों के बढ़ते दबाव और रेलवे की भविष्य की योजनाओं पर गंभीर चर्चा हुई. इसमें समिति ने लेटलतीफी का मुद्दा बेहद आक्रामक ढंग से उठाया.
ट्रेनों का लेट रिकॉर्ड किया प्रस्तुत
बैठक में विधायक सरयू राय ने कहा कि वर्तमान परिचालन व्यवस्था से आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. ट्रेनों का परिचालन देरी से होने के कारण यात्री परेशानी झेल रहे हैं. सरयू राय ने जीएम के समक्ष पिछले डेढ़ महीने का ट्रेनों का लेट रिकॉर्ड प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा आंदोलन करने के बाद रेल अधिकारियों द्वारा कई बार सुधार करने का आश्वासन दिया लेकिन ट्रेनों की लेटलतीफी जारी है. वर्तमान में रेलवे मालगाड़ियों को अत्यधिक प्राथमिकता दे रही है. यात्री ट्रेनें घंटों तक आउटर और स्टेशनों पर खड़ा कर दिया जा रहा है. रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह ने कहा कि चक्रधरपुर और खड़गपुर मंडल से गुजरने वाली अधिकांश ट्रेनें निर्धारित समय से काफी देर से चल रही हैं. इससे नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, मरीजों और लंबी दूरी के यात्रियों को गंभीर परेशानी उठानी पड़ रही है.
रिलेशंस इंस्पेक्टर बहाल करने का आदेश
बैठक में समिति ने सवाल उठाया कि आपका (जीएम) का निर्देश लागू हो रहा है या नहीं, ये कैसे पता चलेगा? इस पर रेल जीएम ने चक्रधरपुर के डीआरएम को निर्देश दिया कि वे जमशेदपुर में एक पूर्ण कालिक पब्लिक रिलेशंस इंस्पेक्टर बहाल करें. पब्लिक रिलेशंस इंस्पेक्टर यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी और मालगाड़ियों को यात्री गाड़ियों से आगे नहीं बढ़ाने के बारे में जानकारी लेगा और निर्देश देगा. हर दिन रेल गाड़ियों के आवाजाही के बारे में प्रेस एवं संघर्ष समिति को सूचित करेगा. जीएम ने कहा कि अब पहले यात्री ट्रेनों को पास कराया जाएगा और उसके बाद मालगाड़ियों को परिचालन की अनुमति दी जाएगी. रेलवे प्रशासन लगातार परिचालन की समीक्षा कर रहा है और आने वाले समय में स्थिति में स्पष्ट सुधार दिखाई देगा. जीएम ने यह भी कहा कि दक्षिण पूर्व रेलवे क्षेत्र में रेल मोबिलिटी और क्षमता बढ़ाने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही काफी सुगम हो जाएगी.
एक सप्ताह तक करेंगे मॉनिटरिंग
जीएम के आश्वासन के बाद समिति ने अपने आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया है. संजोयक शिव शंकर सिंह ने कहा कि एक सप्ताह तक मॉनिटरिंग करेंगे. इसके बाद भी यात्री ट्रेनों के परिचालन में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा. जानकारी हो कि ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर समिति आंदोलन कर रही है. इस दौरान रेल जीएम का विरोध भी करने का निर्णय लिया गया था. धरना प्रदर्शन करने के अलावा समिति हस्ताक्षर अभियान भी चला रही थी. जीएम के साथ आयोजित बैठक में चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया, सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी भी मौजूद रहे.
तीसरी लाइन परियोजना अक्टूबर तक होगा पूरा
जीएम ने कहा कि टाटानगर और चक्रधरपुर रेल मंडल में रेल परिचालन को आधुनिक और सुगम बनाने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर काम तेज कर दिया है. इन योजनाओं के पूरा होने से ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी, यात्री सुविधाएं बेहतर होंगी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी. टाटा यार्ड में मौजूद 29 डायमंड क्रॉसिंग में से 9 को अक्टूबर 2026 तक हटाया जाएगा. शेष क्रॉसिंग टाटा यार्ड रिमॉडलिंग परियोजना के तहत वर्ष 2029 तक समाप्त की जाएंगी. इससे यार्ड की कार्यक्षमता और ट्रेन संचालन में सुधार होगा. सालगाझारी-आदित्यपुर तीसरी लाइन परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसे अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. वहीं विभिन्न स्टेशनों पर नई लूप लाइनें बनाई जाएंगी, जिससे ट्रेनों की क्रॉसिंग और ओवरटेकिंग आसान होगी. सिनी, मानीकुई, राजखरसावां, सोनुआ, टुनिया और बहालदा रोड समेत कई स्टेशनों पर यह कार्य किया जाएगा. मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए 388 नए सहायक लोको पायलटों (ALP) को प्रशिक्षण देना शुरू किया है. इसके अलावा 220 ALP को प्रोन्नति भी दी जाएगी. टाटा और आदित्यपुर में नई स्टेबलिंग लाइनें, गोविंदपुर में नया ब्लॉक स्टेशन, कांड्रा और गम्हरिया में रेल फ्लाईओवर तथा सिनी-कांड्रा और चांडिल-गम्हरिया के बीच तीसरी-चौथी लाइन जैसी बड़ी परियोजनाएं भी स्वीकृत की गई हैं. रेलवे ने डानकुनी से सूरत तक ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की भी घोषणा की है. जीएम ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेल परिचालन को नई गति मिलेगी और यात्रियों को बेहतर सेवा उपलब्ध होगी.

