मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में कोडरमा के छात्रों ने लहराया परचंम, DC के किस प्रोजेक्ट की हो रही चर्चा, जानिये

    मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में कोडरमा के छात्रों ने लहराया परचंम, DC के किस प्रोजेक्ट की हो रही चर्चा, जानिये

    झुमरी तिलैया (JHUMRI TELAIYA) - किसी भी जिले के उपायुक्त स्तर के पदाधिकारी यदि शिक्षा के क्षेत्र को बेहतर करने की दिशा में उचित काम करें तो उसका परिणाम शायद वही होगा जो इस वर्ष 2022 के मैट्रिक और इंटर के परिणाम में कोडरमा जिले का हुआ है. कोडरमा जिले ने पूरे राज्य का नाम रौशन किया है. मैट्रिक और इंटर के परिणाम में यहां के छात्र-छात्राओं ने जिला का नाम पूरे राज्य में पहले स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया.

    उपलब्धि के आंकड़ों

    बच्चों की उपलब्धि के आंकड़ों की बात करें तो जिले की वार्षिक माध्यमिक परीक्षा का परिणाम 98.126% और वार्षिक इंटरमीडिएट परीक्षा संकाय विज्ञान का परीक्षा फल 97.64 लाकर डंका बजा दिया. और पूरे राज्य के छात्र और छात्राओं को यह संदेश भी दे दिया कि मेहनत का कोई दूसरा स्वरूप नहीं होता. कोडरमा जिले के परिणाम की यह स्थिति वर्षों पहले नहीं थी, अचानक इतनी बड़ी उपलब्धि और बच्चों के स्किल में इतना उछाल और बदलाव कैसे हुआ आइए जानते हैं.

    प्रोजेक्ट रेल की शुरुआत

    दरअसल कोरोना के अंतिम दौर से खुलने वाले स्कूलों के साथ जीवन में शिक्षा के महत्व को सर्वोत्तम स्थान देने वाले उपायुक्त आदित्य रंजन ने बच्चों के बीच शिक्षा में गुणात्मक विकास और परीक्षा में परिणाम दाई शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट रेल (रेगुलर एसेसमेंट और इंप्रूवमेंट लर्निंग) कि शुरुआत की. इसका प्रयोग पहले जिले के 6 विद्यालयों में किया गया. इसकी बेहतर आउटपुट मिलने के बाद जिले के सभी 10th और 10th प्लस टू विद्यालयों में प्रोजेक्ट रेल को दौड़ा दिया गया.

    क्या है प्रोजेक्ट रेल

    प्रोजेक्ट रेल के तहत विभिन्न विषय वार शिक्षकों की एक्सपर्ट टीम तैयार की गई. बच्चों के बीच विषयवार साप्ताहिक टेस्ट का आयोजन कर पुनः रिजल्ट प्रकाशन करते हुए टॉप 10 छात्रों की घोषणा कर दी जाती थी. इससे विद्यालय में प्रतिस्पर्धा की भावना और माहौल का विकास हुआ. लगातार 7 महीने के प्रोजेक्ट और लगातार प्रश्न पत्रों के हल करने से बच्चों में कॉन्फिडेंस लेवल मजबूत हुआ, खासकर गरीब बच्चों में काफी परिवर्तन आया. पूरे प्रोजेक्ट की बागडोर संभाल रहे एसडीओ मनीष कुमार रेगुलर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शिक्षकों से वार्तालाप और योजना के स्थिति पर गहन चर्चा के साथ निगरानी करते थे. साप्ताहिक टेस्ट के प्रश्न उपायुक्त आदित्य रंजन स्वयं तैयार किया करते थे, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सोच कितनी ऊंची और समर्पित है. आज शायद उसी का परिणाम है कि पूरे राज्य में 1 to10 rank में कोडरमा से 6 बच्चे का दबदबा है.

    प्रोजेक्ट रेल की हुई सफलता

    इस बड़ी उपलब्धि पर उपायुक्त आदित्य रंजन ने एक प्रेस वार्ता बुलाकर टॉप रैंक की बच्चियों से केक कटवा कर उनकी हौसला अफजाई किया. कहा कि जिंदगी को बदलना है, तो शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा. क्योंकि शिक्षा की जड़ भले ही कड़वी होती है पर फल मीठा होता है. उपायुक्त आदित्य रंजन ने इस उपलब्धि के बाद जिलेवासी समेत प्रोजेक्ट रेल की सफलता पर अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व वाली PMO की पूरी टीम सभी विद्यालयों के शिक्षकों, बच्चों और अन्य कर्मियों को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए बधाई दी है.

    रिपोर्ट: अमित कुमार, झुमरी तिलैया


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news