प्रिंस खान के साले ने किया DECODE -कोड बताने पर मिलते थे हथियार और पैसे 

    प्रिंस खान के साले ने किया DECODE -कोड बताने पर मिलते थे हथियार और पैसे

    धनबाद(DHANBAD): वासेपुर के गैंगस्टर प्रिंस खान के फुफेरा  साला अदनान उर्फ़  अंडा ने इमरान के साथ मिलकर प्रिंस खान से पांच लाख  उधार लिए थे. कहा था कि इस पैसे से वह धंधा करेगा और उसके 30% मुनाफे को प्रिंस खान को दे देगा.  लेकिन अंडा ने यह रकम  उड़ा दी. इससे  प्रिंस खान काफी नाराज हुआ और दोनों को व्यवसायियों से रंगदारी वसूलने के अपराध में लगा दिया. यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि पकड़ाए  अपराधियों ने पुलिस के समक्ष यह बात स्वीकार की है. अंडा  ने पुलिस को बताया है कि प्रिंस का लेनदेन का काम भी वह अपने दोस्तों के साथ मिलकर करता था.  

    कोड बताने पर मिलते थे हथियार और पैसे 

    कोड  से पैसों का लेनदेन होता था.  प्रिंस खान कोड  देता था और कोड  बताने पर ही हथियार या पैसे हेलमेट लगाया हुआ व्यक्ति  दे देते थे.  प्रिंस खान  के कहने पर उसने ग्रीन मेडिकल के मालिक को दो लाख  दिए थे.  पिछले दिनों पुलिस ने मेडिकल के मालिक को जेल भेज दिया था.  वैसे 26 जून और 27 जून को  फायरिंग के मामले में करीमगंज और वासेपुर के लड़कों की भूमिका सामने आई है.  पुलिस सरगर्मी से उन्हें तलाश रही है.  रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी ने बताया कि प्रिंस खान गिरोह को कुछ सफेदपोश लोग भी मदद कर रहे है.  यही वजह है कि पुलिस कुछ लोगों को पकड़कर जेल भेजती है लेकिन सफेदपोशों  की मदद से नए-नए कम उम्र के लड़कों का गिरोह फिर से खड़ा हो जा रहा है.  अब पुलिस ऐसे लोगों को चिन्हित कर जेल भेजेगी.  पुलिस के अनुसार कुख्यात प्रिंस खान का फुफेरा  साला अंडा अपने जीजा के रंगदारी उद्योग में सक्रिय भूमिका निभा रहा था. 

     एसएसपी संजीव कुमार की स्पेशल टीम चार को किया है अरेस्ट 
     
    एसएसपी संजीव कुमार की स्पेशल टीम ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है.  रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी और बताया कि कैसे यह गिरोह काम करता है.  पुलिस ने इसके पहले भी प्रिंस खान के आर्थिक तंत्र को तोड़ने का दावा किया था.  रकम की वसूली से लेकर ठिकाने लगाने तक की पूरी व्यवस्था प्रिंस खान ने कर रखी थी.   पुलिस ने इन सब को धर दबोचा, इसके पहले अमन सिंह गिरोह के लोगों को बोकारो के हरला थाना से धनबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था.  अमन सिंह गिरोह  को पकड़ने और प्रिंस खान के आर्थिक तंत्र को तोड़ने के बाद पुलिस यह मान कर चल रही थी कि अब दोनों कमजोर हो गए है.   इसी बीच 26 जून और 27 जून की रात फिर   रंगदारी के लिए फायरिंग कर दी गई.  इसके बाद पुलिस जब सक्रिय  हुई तो 4 लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें उसका फुफेरा साला  भी शामिल है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



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