सत्ता के खेल में लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करने में लगी पार्टियां! "सरकार को उखाड़ फेंकने" से बीजेपी क्या चाहती है बताना, जानिए

    सत्ता के खेल में लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करने में लगी पार्टियां! "सरकार को उखाड़ फेंकने" से बीजेपी क्या चाहती है बताना, जानिए

    रांची(RANCHI): झारखंड में सियासी फिजा बदली हुई है. UPA और NDA दोनों आमने-सामने हैं. चाहे बयानबाजी हो या पोस्टर वार दोनों में कोई भी पार्टी पीछे नहीं है. भाजपा सरकार के विरोध में सड़क पर उतर गई है और सरकार को उखाड़ फेंकने की बात कह रही है. आखिर ऐसा क्या हुआ है कि हेमंत सरकार को उखाड़ फेकने की तैयारी भाजपा कर रही है. क्या किसी जनता की चुनी सरकार को उखाड़ फेकने जैसे शब्द से घेरना सही है. लोकतंत्र में सभी को अपनी मांग और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन कही ऐसा ना हो कि उत्तेजित हो कर नेता ऐसा बयान दे या स्लोगन बनाए कि उससे लोकतंत्र पर ही सवाल खड़ा हो जाए. आखिर क्यों भाजपा हाल के दिनों में सरकार पर हमलावर ज्यादा हो गई है. इसका कारण भी हम आपको बताते हैं.

    चुनाव आयोग का फैसला लंबित 

    दरअसल, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर चुनाव आयोग में एक मामला चल रहा था. इसकी शिकायत पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्यपाल से किया था. रघुवर दास ने बताया था कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पद का दुरुपयोग कर खनन लीज लिया है.जो संविधान के हिसाब से सही नहीं है. क्योंकि मुख्यमंत्री के पास ही खनन विभाग है. ऐसे में यह मामला पद के लाभ का बनता है जिसे ऑफिस ऑफ प्रॉफ़िट कहते हैं. इस मामले में चुनाव आयोग की सुनवाई पूरी हो गई है और फैसले की कॉपी राजभवन भेजी गई है. राजभवन में फिलहाल लिफाफा बंद है. जैसे ही लिफाफा खुलेगा हो सकता है कि वह फैसला मुख्यमंत्री के पक्ष में ना हो. ऐसे में फैसला पक्ष में नहीं आता है तो मुख्यमंत्री की सदस्यता चली जाएगी.

    अवैध खनन से जुड़े मामले में ईडी ने की सीएम से पूछताछ 

    दूसरा मामला अवैध खनन से जुड़ा हुआ है. झारखंड के साहेबगंज जिले में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हुआ है. ED ने अपने चार्ज शीट में यह स्पष्ट किया है कि साहेबगंज में एक हजार करोड़ रुपये का अवैध खनन हुआ है. अवैध खनन का मास्टर माइन्ड कोई और नहीं मुख्यमंत्री का विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा निकला. इसी कड़ी में पंकज मिश्रा के ठिकानों पर जब छापेमारी हुई तो उसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का दस चेक और एक पासबूक मिला था, इस दस चेक में तीन चेक पर सीएम के हस्ताक्षर भी थे. 

    हर मोर्चे पर सरकार को घेरना चाहती है बीजेपी 

    अवैध खनन मामले में सीएम के विधायक प्रतिनिधि का नाम आते ही भाजपा हेमंत सरकार पर आरोप लगाने लगी है. और इसी समय से आंदोलन कर रही है और अब आन्दोलन की गति को तीव्र करते हुए भाजपा वर्तमान सरकार को हर मोर्चे पर घेरना चाहती है. चाहे पोस्टर हो या स्लोगन. भाषण हो या रैली किसी भी मामले में भाजपा झामुमो को शिकस्त देने की कवायद में जुटी है. इस सत्ता के खेल में BJP, JMM अपनी लोकतांत्रिक मर्यादाओं का भी हनन करती नजर आ रही है. फिलहाल भाजपा द्वारा आयोजित रैली में लोगों ने झंडा थामे सरकार के विरोध में नारे लगाते हुए नजर आए.


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