एक बार फिर से सक्रिय हो रहा था PLFI, NIA ने कई कैंपों को किया ध्वस्त

    एक बार फिर से सक्रिय हो रहा था  PLFI,  NIA ने कई कैंपों को किया ध्वस्त

    रांची(RANCHI):  PLFI उग्रवादी संगठन रांची,खूंटी और सिमडेगा में संगठन को मजबूत करने की कोशिश में लगा है. दिनेश गोप के गिरफ़्तारी के बाद ऐसा लगा की PLFI टूट जाएगा. लेकिन अब NIA की छापेमारी में यह खुलासा हुआ की संगठन लेवी वसूल कर हथियार और अन्य उग्रवादी उपयोग में आने वाले समान की खरीदारी में लगा है. रांची और अन्य जिलों में कारोबारी,बिल्डर्स और अन्य कारोबार से जुड़े लोगों से रंगदारी की मांग की जा रही है.PLFI को फिर से पैर फैलता देख NIA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है. साथ ही हथियार, नगद समेत आर्मी यूनिफॉर्म बरामद किया है.

    दो सहयोगी गिरफ्तार

    NIA ने सबसे पहले दिनेश गोप को गिरफ्तार कर 21 मई को जेल भेज चुकी है. इसके बाद इसके आर्थिक तंत्र को तोड़ने में लगी. एजेंसी को दिनेश से जुड़े ठिकानों की जानकारी मिली जिसके बाद एक साथ 23 ठिकानों पर दबिश देखि गई.इसमें गुमला,सिमडेगा,खूंटी,पलामू और पश्चिमी सिंहभूम के अलावा अन्य दूसरे राज्य शामिल है.इस छापेमारी में दिनेश गोप के दो सहयोगी को भी गिरफ्तार किया है. जिसमें बिहार का रहने वाला सोनू कुमार और रांची का रहने वाला निवेश कुमार शामिल है. हालांकि निवेश की गिरफ़्तारी एनआईए  ने दिल्ली से दिखाई है.  

    दिनेश की गिरफ़्तारी कर बाद संगठन को कर रहे थे मजबूत

    निवेश कुमार दिनेश गोप के जेल जाने के बाद भी संगठन को हथियार मुहैया कराता था. दिनेश गोप के बाहर रहते हुए इसकी मुलाकात उससे हुई थी उसके बाद से संगठन को गोला बारूद हथियार कहाँ और कैसे देना है इसकी पूरी जिम्मेवारी इसके ऊपर थी.हथियार लेने के बाद फिर से दहशत कायम करने के लिए कई वारदात को अंजाम देने की योजना भी थी.अब बचे हुए अन्य साथियों के बारे में जानकारी NIA जुटा रही है,जिसके बाद आगे की कार्रवाई करेगी. जिससे संगठन को पूरी तरह से कमजोर कर दिया जाए.     

    21 मई को हुई थी दिनेश की गिरफ़्तारी                    

    दरअसल झारखंड में PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप दो दशक तक झारखंड पुलिस के नाक में दम कर रखा था. दिनेश इतना सेफ खेल खेल रहा था की पुलिस के पास उसकी नई फोटो तक मौजूद नहीं थी. बाद में इस मामले में NIA ने कार्रवाई शुरू की और नेपाल से 21 मई 2023 को गिरफ्तार कर लिया. उसकी गिरफ़्तारी से ऐसा माना जाने लगा की अब संगठन खत्म होने के कगार पर आ गया,संगठन टूटने की कगार पर है.लेकिन इसकी गिरफ्तारी के बाद फिर से इसके सहयोगियों ने काम शुरू कर दिया.  

    दिनेश गोप का लिंक देश से बाहर भी तगड़ा है,एक वर्ष पहले हुई गिरफ़्तारी में यह बात सामने आई थी. पुलिस ने  विदेशी लड़की को गिरफ्तार किया था. बताया जाता है कि वह उसकी सहयोगी के तौर पर काम कर रही थी. साथ ही लक्जरी गाड़ी बीएमडबल्यू,ऑडी भी बरामद हुई थी. इसके अलावा और मोबाईल फोन से विदेशी हथियार के फोटो भी मिले थे.     


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