रांची(RANCHI): बोकारो जिले के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र में बरामद कंकाल मामले में हाई कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. जिसमें बरामद कंकाल और लापता कड़की पुष्पा के परिवार के लोगों का डीएनए सैम्पल जांच कर रिपोर्ट सौपने का निर्देश सोलिस्टर जर्नल ऑफ इंडिया को दिया है. हाई कोर्ट में अब इस मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी. इस सुनवाई के दौरान DGP,बोकारो रेंज आईजी,पुलिस अधीक्षक बोकारो समेत कई पुलिस अधिकारी मौजदू रहे.
हाई कोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि बोकारो के पिंडरा जोरा थाना से लापता युवती के मामले में हाई कोर्ट में माननीय न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद एवं न्याय मूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीत ने सोलिस्टर जर्नल ऑफ इंडिया को निर्देश दिया कि नामकुम हॉस्पिटल से मिले हुए कंकाल और लापता युवती के माता पीता के सैंपल की जांच रिपोर्ट सौपी जाए. अब इस मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी.
बता दें कि बीते 11 अप्रैल को बोकारो को पिंडरा जोरा थाना क्षेत्र के जंगल से एक युवती का कंकाल बरामद किया गया. जिसमें पुलिस ने दावा किया कि वह कंकाल पिंडराजोरा थाना क्षेत्र से 9 माह से लापता लड़की पुष्पा का है. और फिर इस मामले में जिले के पुलिस अधीक्षक ने एक साथ 28 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया. जिसमें बताया कि पुलिस कर्मियों की वजह से पुलिस की छवि धूमिल हुई है. सभी ने जांच को अलग दिशा में मोड़ने की कोशिश की है.
लेकिन इन सब के बीच लड़की के परिवार के लोगों ने दावा किया कि आखिर कंकाल पुष्पा का है यह कैसे साबित हुआ. जबकि अब तक किसी तरह की जांच नहीं की गई है. कही ऐसा तो नहीं की हाई कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस इस केस को ही हमेशा के लिए बंद करने की कोशिश में लग गई. लेकिन अब पूरे मामले में हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान जांच का आदेश दिया है.
Thenewspost - Jharkhand
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