एक तरफ दलमा में हाथियों की वापसी से आई खुशी, लेकिन कोल्हान के 150 गांवों में दहशत में लोग

    एक तरफ दलमा में हाथियों की वापसी से आई खुशी, लेकिन कोल्हान के 150 गांवों में दहशत में लोग

    जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): कोल्हान में इन दिनों हाथियों का आगमन दो अलग-अलग तस्वीर पेश कर रहा है. दलमा क्षेत्र में हाथियों के आगमन ने खुशहाली का माहौल बना दिया है तो कोल्हान के कई गांवों में यही हाथी दहशत का कारण बन गए हैं. दलमा में हाथियों के आगमन ने यहां के जंगलों की रौनक बढ़ा दी है. दलमा में आने वाले पर्यटक भी उत्साहित नजर आ रहे हैं. तो दूसरी ओर कोल्हान के कई गांवों हाथियों के कारण ग्रामीण भय के साए में जी रहे हैं. शाम होते ही हाथियों के झुंड गांवों की ओर रुख कर रहा है और भारी नुकसान पहुंचा रहा है. इस तरह हाथियों का यह आगमन कोल्हान में दो रंग दिखा रहा है. कहीं यह खुशी और आकर्षण का कारण है, तो कहीं चिंता और डर की बड़ी वजह बन गया है. वन विभाग भी दलमा में हाथियों के आगमन को लेकर उत्साहित है तो अन्य गांवों में हाथियों के घुसने से विभाग परेशान है. 

    दलमा लौटा है 38 हाथियों का दल
    इन दिनों दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी में हाथियों के आगमन से दलमा की रौनक बढ़ी है. करीब तीन साल के बाद हाथियों का दल दलमा में लौटा है. हाथियों के झुंड में 5 बच्चे भी शामिल है. लंबे समय बाद दलमा अब हाथियों के चिंघाड़ से गूंजने लगा है. यहां हाथियों का आगमन प्राकृतिक संतुलन के लिए साकारात्मक संकेत माना जा रहा है. पिछले कुछ साल से दलमा में हाथी लगातार घट रहे थे. यहां एक दर्जन से भी कम हाथी बचे थे, लेकिन अब यहां हाथियों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है. हाथियों का झुंड पश्चिम बंगाल से वापस लौट है. हाथी दलमा के जंगलों में विचरण कर रहे हैं. दलमा के रेंजर दिनेश चंद्रा ने कहा कि दलमा में हाथियों का दल आया है. उन्हें जंगल में विचरण करते देखा गया है. 

    जानिए कोल्हान में कहां हाथी है दहशत का कारण
    कोल्हान के 150 से अधिक गांवों में जंगली हाथी दहशत का कारण बने है. पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा के नुईया के पास 4 हाथियों का एक दल उत्पात मचा रहा है. हाथियों के कारण आसपास के ग्रामीण प्रभावित है. जबकि सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल रेंज में भी 30 से अधिक हाथी दहशत का कारण बने है. यहां हाथी दिन में चांडिल डैम में जलक्रीडा करते है तो रात में गांवों में दहशत का कारण बन रहे है. चांडिल रेंज में भी 50 से अधिक गांवों में दहशत है. सब्जी की फसल को हाथी काफी नुकसान पहुंचा रहे है. घर भी हाथियों द्वारा काफी तोड़ा जा रहा है. इसके कारण यहां हाथी दहशत का कारण है. 

    घाटशिला पहुंचा 25 हाथियों का दल
    पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला प्रखंड के आसना पंचायत में 25 हाथियों के एक दल के सोमवार की सुबह पहुंचने से दहशत है. हाथियों को ढांगाकमल जंगल में देखा गया. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का यह दल पश्चिम बंगाल सीमा से घाटशिला में घुसा है. ये हाथी आसपास के लोगों के लिए दहशत का कारण बने है. वन विभाग हाथियों पर नजर रख रहा है. घाटशिला के अलावा पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया रेंज में भी जंगली हाथी दहशत का कारण बने हैं. 

     



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