मकर संक्रांति पर चाईबासा के रामतीर्थ धाम में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, प्रशासन ने आयोजित किया भव्य गंगा आरती


चाईबासा(CHAIBASA):झारखंड-ओडिशा सीमा पर स्थित रामतीर्थ धाम में इस वर्ष भी मकर संक्रांति का पर्व हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया. प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु वैतरणी नदी में आस्था की डुबको लगाने पहुंचे.रामतीर्थ धाम धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का अनमोल स्थल है, जो केवल पूजा-अर्चना का केंद्र ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय एकता का प्रतीक भी है. सुबह से शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा.
भक्तों ने रामतीर्थ स्थल पर लगे मेले का खूब आनंद लिया
सुबह-सुबह श्रद्धालु वैतरणी नदी पहुंचे और पवित्र डुबकी लगाई. इसके बाद वे रामेश्वर शिव मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. पूजा के बाद भक्तों ने रामतीर्थ स्थल पर लगे मेले का खूब आनंद लिया. इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में खासा इजाफा देखा गया, और लोग शाम तक डटे रहे. झारखंड के सिंहभूम, सरायकेला खरसावां तथा ओडिशा के केनझर,मयूरभंज व सुंदरगढ़ जिलों से लाखों भक्त पैदल और अन्य साधनों से पहुंचे.
संध्या गंगा आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम बने मुख्य आकर्षण
जिला प्रशासन ने गत वर्ष की तर्ज पर संध्या समय वैतरणी तट पर भव्य गंगा आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए, जो मेले का प्रमुख आकर्षण साबित हुए, बनारस से विशेष रूप से बुलाई गई आरती टीम ने वैतरणी तट को आध्यात्मिक ज्योति से रोशन कर दिया, सांस्कृक्तिक कार्यक्रम का शुभारंभ पाइका नृत्य और छऊ नृत्य से किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
नेताओं ने की सराहना
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक सोनाराम सिंक ने संयुक्त रूप से किया.विकास की बात विधायक सोनाराम सिंक ने संबोधन में कहा कि रामतीर्थ मेला इस क्षेत्र का प्रसिद्ध मेला है, जहां वर्षों से 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति मनाई जाती रही है. उन्होंने कहा, सरकार क्षेत्र के विकास के लिए सदैव तत्पर है, और जिला प्रशासन ऐसे कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित करता रहे. जिला उपायुक्त चंदन कुमार ने जोर देकर कहा कि रामतीर्थ को बड़े तीर्थस्थल के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी झारखंड सरकार और जिला प्रशासन के सहयोग से गंगा आरती व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए.
रिपोर्ट-संतोष वर्मा
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