धनबाद(DHANBAD):धनबाद में आयोजित नेशनल लोक अदालत ने न्याय व्यवस्था को आम लोगों तक तेज़ और सुलभ तरीके से पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण पेश किया.नालसा के निर्देश पर वर्ष 2026 की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें शुरुआती दो घंटे के भीतर ही बड़ी सफलता हासिल हुई. इस दौरान कुल 2 लाख 91 हजार 356 विवादों का निपटारा किया गया और 1 अरब 36 करोड़ 43 लाख 70 हजार 931 रुपये की रिकवरी की गई.
कार्यक्रम का उद्घाटन जमशेदपुर से न्यायमूर्ति सुजित नारायण प्रसाद ने किया
कार्यक्रम का उद्घाटन शनिवार को जमशेदपुर से ऑनलाइन न्यायमूर्ति सुजित नारायण प्रसाद ने किया.धनबाद में आयोजित कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा चेयरमैन निकेश कुमार सिन्हा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि नेशनल लोक अदालत संविधान की उस भावना को साकार करती है जिसमे हर व्यक्ति को सामाजिक, आर्थिक और सुलभ न्याय की गारंटी दी गई है उन्होंने कहा कि हर तीन महीने में इसका आयोजन कर आम लोगों को जल्द न्याय दिलाने का प्रयास किया जाता है.
लोक अदालत में कई मानवीय पहल भी देखने को मिली
इस लोक अदालत में कई मानवीय पहल भी देखने को मिली. सड़क दुर्घटना में अपने माता-पिता को खोने वाले प्रभु साव को 1 करोड़ 38 लाख रुपये का मुआवजा चेक दिया गया.चेक मिलने के बाद प्रभु साव भावुक हो गए और कहा कि डालसा ने उन्हें नया जीवन दिया है. वहीं दुर्घटना में पति को खोने वाली एक विधवा महिला को भी 82 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया गया.
मामलों के निपटारे के लिए 13 बेंच का गठन किया गया था
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अवर न्यायाधीश सह सचिव मयंक तुषार टोपनो ने बताया कि मामलों के निपटारे के लिए 13 बेंच का गठन किया गया था. इनमें से अधिकांश 2 लाख 54 हजार 975 प्री-लिटिगेशन मामले थे.इसके अलावा सामाजिक सरोकार के तहत दो दिव्यांग व्यक्तियों को मौके पर ट्राइसाइकिल और दिव्यांग प्रमाण पत्र दिया गया.वहीं चार अनाथ बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़कर उनकी पढ़ाई के लिए चार-चार हजार रुपये की सहायता दी गई.
रिपोर्ट-नीरज कुमार
Thenewspost - Jharkhand
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