चुनाव से पहले गोलबंद होने लगे मुसलमान! पूछ रहे सवाल आखिर बदहाली का जिम्मेवार कौन, डाल्टनगंज में होगी बड़ी बैठक


पलामू (PALAMU) : आजादी के 75 वर्ष बाद भी मुसलमान पिछड़े पन की मार से बाहर नहीं आ पाया है. आज भी मुस्लिम बहुल्य इलाक़ा बदहाल है. देश में अल्पसंख्यक के उपर राजनीति तो खूब होती है.लेकिन इस बदहाली को दूर करने की दिशा में किसी ने ठोस पहल नहीं किया.लेकिन अब खुद मुस्लिम समुदाय के लोग आगे आए है. इस बदहाली का जिम्मेवार कौन है इसपर मंथन करना शुरू कर दिया है. इसकी शुरुआत एदार ए सरिया ने किया है. एदार ए सरिया के आह्वान पर सभी जिले और प्रखंडों में बैठक कर इस बदहली पर चर्चा की जा रही है इसी कड़ी में हैदरनगर और हुसैनाबाद में एक बैठक हुई. अब 20 दिसंबर को एक बड़ी बैठक डाल्टनगंज में रखी गई है. जिसमें पलामू के सभी इलाके से मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल होंगे. इस चर्चा में गुलाम नबी बलियावी भी शामिल हो सकते है.
मुस्लिम समाज को सरकार से अपना हक अधिकार लेने और समाज में दहेज रूपी कुरीतियों के प्रति जागरूकता लाने को लेकर एदार ए शरिया तहरीक ए बेदारी इसलाह ए मुआसरा कांफ्रेंस की पलामू जिला इकाई ने हैदरनगर की रजा मस्जिद भाई बिगहा में स्थानीय मुसलमानो के साथ बैठक की. सदारत मौलाना अहमद अली खान रजवी ने की. वहीं हुसैनाबाद के मदरसा खैरूल इस्लाम परिसर में स्थानीय मुसलमानो के साथ बैठक की. बैठक की सदारत मौलाना खुर्शीद अनवर नूरी ने की. बैठक में मुसलमानों की विभिन्न समस्याओं के अलावा पीछड़ेपन के कारणों पर विस्तृत चर्चा की गई. बैठक में मुसलमानों की विभिन्न समस्याओं के अलावा पीछड़ेपन के कारणों पर चर्चा की गई.
मौलाना महताब आलम ने कहा कि सरकार राज्य में उर्दू को उसका हक नहीं दे रही है. स्कूलों में उर्दू शिक्षक नहीं हैं. कार्यालयों में ट्रांसलेटर नहीं हैं. राज्य में उर्दू यूनिवर्सिटी की स्थापना होनी चाहिए, आज तक वक्फ बोर्ड का गठन नहीं हुआ. इसके अलावा हर जगह मुसलमानो को पीटा जाता है, दुर्व्यवहार होता है. इसके लिए हरिजन आदिवासी की तरह सुरक्षा के लिए एक्ट बनना जरूरी है. उन्होंने मुसलमानो से दहेज समेत अन्य कुरीतियों को खत्म करने की शपथ लेने का भी आह्वान किया. उन्होंने कहा कि हक लेने के लिए एकजुटता और जागरूकता दोनो जरूरी है. मौलाना जुबैर साहब ने कहा कि मुसलमानों को जागरूक करने के लिए एदारा ए शरिया के द्वारा एक तहरीक चलाई जा रही है. इससे सभी मुसलमानो को जुड़ने की जरूरत है.
मौलाना मुफ्ती मोजीबुल्लाह रजवी ने कहा कि गांव गांव के लोगों को जोड़ कर उन्हें जागरूक करने का काम कमेटी करेगी. उन्होंने पलामू जिला मुख्यालय स्थित राहत नगर ईदगाह मैदान डाल्टनगंज में 20 दिसंबर को आयोजित जिला स्तरीय कांफ्रेंस में शामिल होने की दावत दी. कांफ्रेंस में गाजिय मिल्लत मौलाना गुलाम रसूल बलियावी साहब के अलावा देश के कई जाने माने उलेमा हिस्सा लेंगे. मौलाना जुबैर ने कहा कि हर गांव से 20 दिसंबर को डाल्टनगंज पहुंच कर हक के लिए एकजुटता का परिचय देने का काम करें. उन्होंने कहा कि एकता में ही ताकत है.
मौलाना एजाज साहब, मौलाना कारी जसीमुद्दीन, मौलाना नसीम मरकजी, मौलाना कलीम नूरी, कारी शोएब अख्तर, हाफिज फिरोज, एजाज हुसैन उर्फ छेदी खान, हाफिज जुनैद, मो इब्राहिम, मो यूसुफ, अब्दुल रहीम, एहतेशाम अहमद, डा आफताब अहमद, मो प्रवेज, मो अमरोज, इकरामुद्दीन, मौलाना मुफ्ती मोजीबुल्लाह रजवी, मौलाना एजाज नूरी , मौलाना कारी जसीमुद्दीन, मौलाना नसीम मरकजी, मौलाना मुफ्ती सज्जाद आलम, हाफिज सलाहुद्दीन खान,अरशद राजा बनारसी, हाजी इद्रीस खान, हाजी नुरुल्लाह खान के अलावा प्रखंड के सैकड़ों लोग मौजूद थे.
रिपोर्ट:समीर हुसैन
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