धनबाद (DHANBAD):धनबाद कोयलांचल में बड़े-बड़े नेताओं की बात कौन कहे, छोटे-छोटे कार्यकर्ता भी बिना काम किये क्रेडिट लेने की होड़ में शामिल हो जाते है. अभी तो ट्रेन उद्घाटन में हुए मामले की चर्चा चल ही रही है, आगे भी चलती रहेगी। इस बीच एक सूचना मिल रही है कि वार्ड नंबर 26 में जलमीनार निर्माण को लेकर "क्रेडिट" लेने की होड़ मची है. पूर्व पार्षद निर्मल मुखर्जी का कहना है कि जलमीनार के लिए वह लगातार 4 वर्षों से प्रयास कर रहे हैं. लगातार पत्राचार कर रहे थे. इसके सबूत भी उनके पास मौजूद है. अब इधर, नए पार्षद दावा ठोक रहे हैं कि उन्होंने लॉ कॉलेज के पास जलमीनार के लिए निगम बोर्ड से प्रस्ताव पारित करा दिया है. यह अच्छी बात है कि जलमीनार का निर्माण होगा लेकिन "क्रेडिट" लेने की होड़ में यह जलमीनार चर्चे में आ गई है.
क्या है पूर्व पार्षद और वर्तमान पार्षद का दावा
पूर्व पार्षद निर्मल मुखर्जी का दावा है कि कोयलांचल में जल संकट से निजात के लिए वह लगातार सक्रिय रहे है. अधिकारियों से पत्राचार करते रहे हैं, मिलते रहे हैं. इसी क्रम में वार्ड नंबर 26 में जलमीनार के लिए 2022 से ही पत्राचार कर रहे है. अब जाकर उसका परिणाम सामने आया है. लोगों को राहत भरी खबर मिली है कि लॉ कॉलेज के पास जलमीनार का निर्माण होगा। यह अच्छी बात है. निर्मल मुखर्जी ने कहा है कि इस निर्णय का वह स्वागत करते हैं, लेकिन झूठी वाहवाही लेने वालों को थोड़ा सोचना चाहिए भी. जो काम वह कर रहे हैं या करने जा रहे हैं, उसका क्रेडिट लेने में कोई परहेज नहीं करना चाहिए, लेकिन जो काम दूसरे की पहल पर हुई है, अथवा आगे होने जा रही है, उसका क्रेडिट उनको मिलनी ही चाहिए।
झूठी क्रेडिट लेने के लिए भरी फ़ौज कड़ी हो जाती है
कोयलांचल में यह बड़ी बीमारी है कि जब किसी काम का निर्णय होता है, तो क्रेडिट लेने के लिए भारी फौज खड़ी हो जाती है. सब अपने-अपने पक्ष में दावा ठोकते हैं, लेकिन काम की शुरुआत कैसे हो, इसका विजन उनके पास नहीं होता। सिर्फ एक जलमीनार का ही मामला नहीं है, कई मामलों में ऐसा देखा गया है. उल्लेखनीय है कि निगम के चुनाव में वार्ड नंबर 26 से निर्मल मुखर्जी चुनाव हार गए है. जबकि उनके प्रतिद्वंदी विकास रंजन चुनाव जीत गए है. यह बात भी सच है कि जलमीनार के लिए जमीन तलाशी जा रही थी, लेकिन अब स्थल का चयन हो गया है और बड़ी आबादी को इसमें राहत मिलेगी। पता चला है कि जलमीनार का निर्माण डीएमएफटी फंड से होगा। जलमीनार बन जाने से कम से कम एक दर्जन मोहल्ले को फायदा होगा।
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
Thenewspost - Jharkhand
4+


