धनबाद में नगर की सरकार: शेखर अग्रवाल ने कर दिया नामांकन ,संजीव सिंह ने ख़रीदा पर्चा, अब क्या करेगी रायशुमारी समिति


धनबाद(DHANBAD): झारखंड में निकाय चुनाव की रणभेरी बज गई है. नामांकन की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई है. यह प्रक्रिया 4 फरवरी तक चलेगी। राजनीतिक सक्रियता भी बढ़ गई है. इस बीच गुरुवार को धनबाद के पूर्व मेयर शेखर अग्रवाल ने आज नामांकन कर दिया। दूसरी ओर यह भी खबर निकल कर आई है कि झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह ने भी मेयर चुनाव के लिए नामांकन पत्र खरीदा है. इस बीच भाजपा ने उत्तरी छोटा नागपुर के लिए रायशुमारी समिति गठित की है. यह समिति संभवत दो-तीन दिनों में अपनी रिपोर्ट दे सकती है.
रायशुमारी समिति के जिम्मे क्या क्या काम होंगे -
इसके पहले वह प्रयास करेगी एक ही उम्मीदवार मैदान में उतरे। झारखंड के नौ नगर निगम में क्या स्थिति होगी, यह तो नहीं कहा जा सकता लेकिन धनबाद में यह प्रयास फेल दिख रहा है. शेखर अग्रवाल ने आज नामांकन कर दिया, पूर्व विधायक संजीव सिंह ने नामांकन पत्र खरीद लिया। व्यक्तिगत तौर पर अन्य उम्मीदवारों से बात करने पर उनका दावा है कि वह भी चुनाव लड़ेंगे, हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया जाए. भाजपा की रायशुमारी समिति की अनुशंसा के बाद वह अपना पत्ता खोलेंगे। मतलब धनबाद में मेयर की कुर्सी के लिए भाजपा में सिरफुटौव्वल होना तय माना जा रहा है. ऐसी स्थिति सिर्फ भाजपा में ही नहीं, बल्कि अन्य दलों में भी होगी।
जान लीजिये कौन बन सकता है उम्मीदवार -
.इस बीच कौन बन सकता है निकाय चुनाव में उम्मीदवार और क्या-क्या होगी शर्तें, इसको लेकर भी चर्चा कर रहे हैं. ऐसे में यह नियम उम्मीदवारों के लिए जान लेना जरूरी है.--- किसी वार्ड या निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार का नाम संबंधित नगर पालिका क्षेत्र की मतदान सूची में दर्ज रहना चाहिए. वार्ड पार्षद पद के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष फिक्स है. महापौर या अध्यक्ष पद के उम्मीदवार की आयु कम से कम 30 वर्ष होनी चाहिए. और उनका नाम नगर पालिका क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज होनी चाहिए. निर्वाचन वर्ष से ठीक पहले के वित्तीय वर्ष के अंत तक नगर पालिका के सभी बकाया करों का भुगतान किया गया होना चाहिए. इसके अलावे चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी की दो से अधिक जीवित संतान नहीं होनी चाहिए. हालांकि झारखंड नगर पालिका अधिनियम 2011 के अनुसार यदि अधिनियम लागू होने के 1 वर्ष यानी 9 फरवरी 2013 तक किसी व्यक्ति को दो से अधिक संतान थे, तो इस आधार पर अयोग्य नहीं माना जाएगा.
प्रस्तावक और समर्थक के लिए भी यह जरुरी है -
प्रस्तावक और समर्थक के लिए भी जरूरी है की वार्ड पार्षद या सदस्य पद के लिए उम्मीदवार का प्रस्तावक और समर्थक उसी वार्ड का मतदाता होना जरूरी है. मेयर या अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार, प्रस्तावक और समर्थक नगर पालिका क्षेत्र के किसी भी वार्ड का मतदाता हो सकता है .जो व्यक्ति स्वयं मतदाता के रूप में अयोग्य है, वह किसी भी उम्मीदवार का प्रस्तावक या समर्थक नहीं बन सकता है. एससी, एसटी एवं पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को नामांकन शुल्क का आधा भुगतान करना होगा. आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार यदि अनारक्षित सीट से भी चुनाव लड़ता है, तब भी उसे आधा शुल्क देना होगा. यदि कोई अभ्यार्थी एक ही पद के लिए एक से अधिक नामांकन पत्र दाखिल करता है, तो शुल्क एक बार ही देना होगा .लेकिन एक से अधिक पदों के लिए अलग-अलग शुल्क देना होगा.
सामान्य वर्ग के मेयर और अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को कितना शुल्क देना होगा
सामान्य वर्ग के मेयर और अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को शुल्क के रूप में ₹5000 देने होंगे. वहीं सामान्य वर्ग के वार्ड पार्षद के लिए यह शुल्क ₹1000 निर्धारित किया गया है. जो भी उम्मीदवार नामांकन करेंगे, उन्हें यह जांच पड़ताल कर लेनी चाहिए कि मतदाता सूची में अभ्यर्थी ,प्रस्तावक और समर्थक का नाम और क्रमांक सही हो. प्रस्तावक या समर्थक डिस्क्वालीफाई न हो. नामांकन पत्र पर सही हस्ताक्षर हो. आरक्षण का दावा करने वालों के पास मान्य जाति प्रमाण पत्र हो. नामांकन शुल्क, नजीर रसीद ,मनी रसीद या कोषागार चालान के माध्यम से जमा होगा और यह किसी भी स्थिति में वापस नहीं होगा.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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