धनबाद(DHANBAD):धनबाद के बहुचर्चित रिंग रोड मुआबजा घोटाले में शामिल लोगों के कंठ सूखने लगे हैं. जैसे-जैसे एसीबी की कार्रवाई तेज हो रही है, उनकी आंखों की नींद हराम हो गई है. 17 के खिलाफ तो एसीबी को प्रथम दृष्टया मामला सही मिला है. उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दिया गया है. अन्य 17 लोग एक्शन की जद में हैं. इनके खिलाफ हर एंगल से जांच चल रही है. इसी साल जनवरी महीने में एसीबी ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था. रिंग रोड घोटाले में एसीबी की कार्रवाई तेज है.
17 अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच तेज हो गई है
मंगलवार को 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था. अब अन्य 17 आरोपियों के खिलाफ जांच तेज कर दी गई है. 17 के खिलाफ अनुसंधान किया जा रहा है. यह घोटाला धनबाद का नहीं ,झारखंड का चर्चित मामला है. इसमें अशिक्षित और अनपढ़ लोगों को टारगेट किया गया था . सूत्रों के अनुसार लगभग 25 करोड रुपए की हेरा फेरी की गई है. नौ जनवरी 2026 को 17 आरोपियों को रांची, देवघर और धनबाद के विभिन्न ठिकानों से गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद सोमवार को 17 आरोपियों के खिलाफ निगरानी की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया.
गड़बड़ी करने के लिए कई तरह के "खेल" खेले गए.
यह गड़बड़ी करने के लिए कई तरह के "खेल" खेले गए. आरोप है कि धनबाद मौज, मनईटांड़ मौजा और दुहाटांड़ मौजा में अधिसूचना जारी करने में जानबूझकर 2 वर्ष से अधिक का विलंब किया गया. यह कारोबारियों को जमीन खरीदने का मौका देने का प्रयास बताया गया है. इसमें अधिकारियों के कई चहेते लोग भी थे. कैसे-कैसे गड़बड़ी की गई, इसको लेकर कहा जाता है कि रैयतों के खाता खुलवाने के दौरान केवाईसी नहीं अपनाई गई. अशिक्षित लोगो के नाम पर खाते खुलवाए गए और मुआवजा हड़प लिया गया. बिना प्राक्कलन स्वीकृति और बिना पंचाट घोषित हुए राशि जारी कर दी गई.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
Thenewspost - Jharkhand
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