7 वर्षों से करोड़ो का "मॉडल" विद्यालय पड़ा है बेकार, हो गया जर्जर

    7 वर्षों से करोड़ो का "मॉडल" विद्यालय पड़ा है बेकार, हो गया जर्जर

    गोड्डा(GODDA): वर्ष 2015 में तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा जिले में एक मॉडल विद्यालय को स्वीकृति दी गयी थी. स्वीकृति मिली तो यहां की जनता को ये उम्मीद जगी कि अब बच्चों को भी प्राइवेट विद्यालयों की तरह CBSE प्रणाली से शिक्षा मिलेगी. बड़े तामझाम के साथ पोडैयाहाट के विधायक प्रदीप यादव द्वारा सदर प्रखंड के धर्मोडीह में इसका शिलान्यास किया गया. ठेकेदारों द्वारा भवन का निर्माण करवाया भी गया और जिला प्रशासन के सुपुर्द भी कर दिया गया. मगर तब से लेकर आज 7 वर्षों बाद भी यहां पठन-पाठन शुरू नहीं हो पाया.

    शुरू हो भी जाता तो बच्चों को होती परेशानी

    विद्यालय निर्माण से पूर्व ही स्थल चयन को लेकर भी काफी खिंचा तानी हुई थी और विद्यालय को एक ऐसे स्थान पर ले जाया गया, जहां आने-जाने तक को सडक नही है. अब अगर यहां विद्यालय की शुरुआत हो भी गयी होती तो यहां शायद बच्चों का आना संभव नहीं हो पाता.

    प्लस 2 विद्यालय में दो कमरों में चलता है मॉडल विद्यालय

    इस करोड़ों के भवन में कभी आज तक पढाई शुरू तो न हो सकी. मगर इस मॉडल विद्यालय के लगभग 70 नामांकित बच्चों को जिला मुख्यालय के प्लस 2 विद्यालय के दो कमरे में पढ़ाया जा रहा है और जहां भवन बनवाया गया था, वहां के सारे खिड़की और दरवाजे चोरी होते चले गए और विद्यालय का भवन असामाजिक तत्वों का अड्डा बनकर रह गया.

    रिपोर्ट: अजीत सिंह, गोड्डा


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