मंडी टैक्स को लेकर हजारीबाग में विरोध, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख का जलाया पुतला


हजारीबाग(HAZARIBAGH): झारखंड ही सिर्फ एक ऐसा राज्य हैं जिसमें मंडी टैक्स कानून लगाया गया है. जिस टैक्स के नियम अंतर्गत सब्जी विक्रेता, राशन दुकान, फल आलू, प्याज विक्रेता वाले व्यापारी आते हैं. बता दें कि मंडी टैक्स में 2% की वृद्धि की गई है जिसका विरोध आज पूरे राज्य के साथ-साथ हजारीबाग में भी देखने को मिल रहा है. टैक्स के विरोध में हजारीबाग खाद्यान्न व्यवसायियों ने अनिश्चितकालीन बंदी जारी की है. हजारीबाग के विभिन्न खाद्धान व्यवसाई अपने-अपने दुकानों को 24 घंटे के ऊपर से बंद रखे हुए हैं.
लोगों ने किया पुतला दहन
मंडी टैक्स कानून से आक्रोशित लोगों ने झंडा चौक पर कृषि मंत्री बादल पत्रलेख का पुतला दहन किया हैं. लोगों का कहना है कि जब तक यह कृषि कानून वापस नहीं लिया जाता है तब तक दुकानें बंद रहेगी. व्यापारियों का कहना है कि यह उनके लिए एक एक काला कानून है, जिसकी वजह से हजारों की संख्या में मोटीया मजदूर और ट्रांसपोर्ट चालक बेरोजगार हो रहे हैं. उन्होंने वहीं सरकार इसे जल्द से जल्द वापस लेने की मांग की साथ ही ऐसा न करने पर आगे कड़ा अख्तियार करने की भी बात कही.
जमशेदपुर में भी विरोध
बीते दिन जमशेदपुर के भी व्यापारी इसे लेकर आक्रोशित दिखे. जमशेदपुर में बुधवार को अध्यादेश के विरोध में बंदी की गयी है. इस विरोध के अंदर व्यवसायिक संगठनों के आह्वान पर शहर के सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद किए गए हैं. इतना ही नहीं व्यापारी वर्ग सड़कों पर निकल कर सभी मंडियों को पूरी तरह से आज एक दिवसीय बंद करवाया गया है, जिससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
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