गुमला(GUMLA): आज भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा बहुत ही धूम धाम से निकाली जाएगी. ऐसा मान्यता है कि जिसे रथ खींचने का सौभाग्य मिल जाता है वह भाग्यशाली माना जाता है. ऐसे में हर कोई भगवान की रथ को खींचना चाहता है. लेकिन आज सिसई प्रखंड क्षेत्र के नागफनी स्थित जगन्नाथ मंदिर में इस वर्ष लगातार तीसरे वर्ष भगवान जगन्नाथ मंदिर से मौसी बाड़ी नहीं जा पाएंगे. ऐसा इसलिए है क्योंकि सिसई में अतिक्रमणकारियों ने भगवान के जाने का रास्ता ही रोक दिया है.
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अनुमति के बावजूद नहीं निकल रही यात्रा
हालांकि इस वर्ष मंदिर परिसर खुला हुआ है. सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी है. सैकड़ों की संख्या में भक्त आकर जगन्नाथ महाप्रभु के दर्शन कर रहे हैं. पूजा पाठ करके उत्साहित होते हुए मंदिर परिसर में लगे मेला का भी लुत्फ उठा रहे हैं। कुछ लोग मिठाइयां और अन्य सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं तो दूसरी ओर बच्चे झूले और अन्य साधनों का आनंद उठा रहे थे. पिछले लगातार दो वर्ष कोरोना महामारी के कारण रथ यात्रा नहीं निकाली गई थी. साथ ही साथ मंदिर परिसर के अंदर पूजा पाठ भी बंद था. लेकिन इस वर्ष प्रशासन की ओर से सभी जगह रथयात्रा निकालने की अनुमति मिल चुकी है. इसके बावजूद भी मंदिर के कमेटी ने रथ यात्रा नहीं निकालने का निर्णय लिया.
क्या कहते हैं पुरोहित
जब इस बारे में मंदिर के पुजारी अनिल पंडा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि मंदिर से लेकर मौसी बाड़ी तक जो रास्ता है वह अतिक्रमण का शिकार हो चुका है. कई ग्रामीणों ने मंदिर की सड़क पर अतिक्रमण कर लिया है. जिससे सड़क बहुत ही पतली हो गई है. जिस कारण रथ यात्रा निकालने से कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है. इसलिए मंदिर की कमेटी की ओर से निर्णय लिया गया है कि जब तक प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण को नहीं हटाया जाता है तब तक रथ यात्रा बंद रहेगी. उन्होंने बताया कि कई बार प्रशासन को इस बारे में आवेदन भी दिया जा चुका है परंतु इस पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है. मजबूरन उन्हें रथ यात्रा को जब तक अतिक्रमण नहीं हटता है तब तक के लिए बंद करना पड़ रहा है.
रिपोर्ट: अमित राज सिसई गुमला
Thenewspost - Jharkhand
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