जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जमशेदपुर के साकची में बहुचर्चित कुंदन ठाकुर हत्याकांड में करीब आठ वर्षों बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाया है. एडीजे-2 आनंद मणि त्रिपाठी की अदालत ने मामले के आरोपी विशाल पाल को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है. अदालत ने उस पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सजाएं एक साथ चलेंगी. सुनवाई के दौरान आरोपी हजारीबाग जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुआ. इस मामले का एक आरोपी अब भी फरार है. यह मामला वर्ष 2018 का है. 26 मार्च 2018 को कुंदन ठाकुर अपने दोस्तों विशाल पाल और रॉंकी सिंह उर्फ रॉंकी मसी के साथ रामनवमी जुलूस देखने निकला था. तीनों आपस में करीबी दोस्त बताए जाते थे. आरोप है कि इसी दौरान कुंदन के साथ अप्राकृतिक यौन शोषण किया गया और बाद में पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी गई. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शव को काशीडीह पुल के नीचे झाड़ियों में फेंक दिया था. पुलिस ने शव बरामद किया था, जिस पर चोट के कई निशान मिले थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन शोषण की पुष्टि भी हुई थी.
14 लोगों की गवाही हुई दर्ज
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कई अहम साक्ष्य प्रस्तुत किए गए. अनुसंधान पदाधिकारी और चिकित्सकों समेत कुल 14 लोगों की गवाही दर्ज की गई. अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 30 अप्रैल 2026 को विशाल पाल को दोषी करार दिया था. अदालत ने आरोपी को हत्या, अप्राकृतिक यौन शोषण और साक्ष्य छिपाने से संबंधित धाराओं में दोषी पाया. हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना, अप्राकृतिक यौन शोषण के आरोप में पांच वर्ष की सजा व 5 हजार रुपये जुर्माना तथा साक्ष्य मिटाने के आरोप में तीन वर्ष की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना सुनाया गया. इस मामले के एक आरोपी रॉंकी सिंह उर्फ रॉंकी मसी अब भी फरार है.
भीड़ ने आरोपी की पिटाई की थी
रामनवमी जुलूस से वापस लौटने के दौरान काशीडीह पुलिया के नीचे आरोपियों ने कुंदन के साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया था. इसके बाद पत्थर से कुचकर उसकी हत्या कर दी गई थी. घटना के आक्रोशित लोगों ने आरोपी विशाल को जमकर पिटा था. थाना के सामने ही भीड़ ने आरोपी को पकड़ लिया था. किसी तरह पुलिस ने उसे उग्र भीड़ से बाहर निकाला था.

