तप रहा कोल्हान:धूप का कहर और उमस की दोहरी मार का जाल, 20 से लू का अलर्ट 

    तप रहा कोल्हान:धूप का कहर और उमस की दोहरी मार का जाल, 20 से लू का अलर्ट

    जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): कोल्हान क्षेत्र इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है. तेज धूप और गर्म हवाओं ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि दिन के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखने लगा है. लोग अपना जरूरी काम भी सुबह या शाम के समय ही निपटा रहे हैं. मौसम की मार यहीं खत्म नहीं हो रही. आंशिक बादलों की मौजूदगी से उमस भी लगातार बढ़ रही है. इसके कारण लोगों को गर्मी की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. पसीना और चिपचिपाहट ने जनजीवन को और बेहाल कर दिया है. इसी बीच मौसम विभाग ने 20 और 21 अप्रैल के लिए हीट वेव का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान कोल्हान के तीनों जिले लू की चपेट में रहेगा. मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि आने वाले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है. ऐसे में लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचना चाइए. उन्होंने गर्मी को देखते हुए पर्याप्त पानी पीने और सतर्क रहने की सलाह दी है. शनिवार को जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. 


    गर्मी से स्कूली बच्चे बेहाल
    प्रचंड गर्मी का असर अब स्कूली बच्चों पर साफ दिखने लगा है. सुबह से ही तेज धूप और उमस के कारण बच्चे स्कूल आने-जाने में काफी परेशान हो रहे हैं. अभिभावकों का कहना है कि मौजूदा मौसम में स्कूलों का समय यथावत रखना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. अभिभावकों ने जिला प्रशासन और स्कूल प्रबंधन से समय में बदलाव करने की मांग की है. बावजूद इसके अब तक स्कूलों के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसके कारण अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. 


    वन्यजीवों के लिए स्पेशल केयर व्यवस्था
    जमशेदपुर में पड़ रही भीषण गर्मी का असर चिड़ियाघर के वन्यजीवों पर भी दिखने लगा है. इसे देखते हुए टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क प्रबंधन ने जानवरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. खास तौर पर बाघ, शेर और तेंदुए जैसे संवेदनशील प्रजातियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. भालुओं के लिए अलग से सतर्कता बरती जा रही है. सभी बाड़ों में तापमान नियंत्रित रखने के लिए कूलर, स्प्रिंकलर और खस की चटाइयों का उपयोग किया जा रहा है. इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ और ठंडा पानी उपलब्ध कराया जा रहा है. जानवरों को दिए जाने वाले पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स और ओआरएस मिलाकर उनकी सेहत का खास ख्याल रखा जा रहा है. 

     



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