मौत के मुह में समाने वाली थी औरत, तभी देव दूत बन कर महिला कॉन्स्टेबल ने बचाई जान, देखिए वीडियो

    रांची (RANCHI): राँची रेलवे स्टेशन पर कुछ सेकेंड के लिए ऐसा मंजर बन गया, जिसे देखकर लोगों की रूह कांप उठी. चलती ट्रेन पकड़ने की कोशिश में एक महिला अचानक प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंस गई और ट्रेन के साथ घसीटने लगी. आसपास मौजूद यात्रियों की चीख-पुकार के बीच हर किसी को बड़ा हादसा होने का डर सताने लगा. तभी आरपीएफ की महिला कांस्टेबल सविता ने जान की परवाह किए बिना दौड़ लगाई और फिल्मी अंदाज में महिला को मौत के मुंह से खींच लाईं. उनकी बहादुरी और फुर्ती ने कुछ ही सेकेंड में एक परिवार को उजड़ने से बचा लिया.

    जानकारी के अनुसार ट्रेन संख्या 18611 राँची-बनारस एक्सप्रेस राँची रेलवे स्टेशन से खुल चुकी थी. इसी दौरान एक यात्री अपनी पत्नी और छोटे बच्चे के साथ जल्दबाजी में ट्रेन पकड़ने की कोशिश कर रहा था. ट्रेन धीरे-धीरे प्लेटफॉर्म छोड़ रही थी, लेकिन परिवार जल्दबाजी में किसी तरह कोच में चढ़ने का प्रयास करने लगा. इसी दौरान महिला का पैर फिसल गया और उसका संतुलन बिगड़ गया. देखते ही देखते वह प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच के गैप में गिर गई और चलती ट्रेन के साथ घसीटने लगी. यह दृश्य देखकर स्टेशन पर मौजूद लोग घबरा गए. कई यात्रियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया.

    उसी समय प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहीं आरपीएफ की महिला कांस्टेबल सविता ने बिना एक सेकेंड गंवाए दौड़ लगाई. उन्होंने तुरंत महिला को मजबूती से पकड़ लिया और पूरी ताकत से उसे प्लेटफॉर्म की ओर खींचे रखा. ट्रेन के पूरी तरह रुकने तक सविता महिला को संभाले रहीं. उनकी बहादुरी और सूझबूझ से महिला सुरक्षित बाहर निकाल ली गई.

    घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने राहत की सांस ली. महिला और उसके परिवार ने कांस्टेबल सविता का आभार जताया. वहीं, मौके पर मौजूद लोगों ने भी उनकी जमकर तारीफ की. कई यात्रियों ने कहा कि अगर सविता कुछ सेकेंड भी देर कर देतीं, तो बड़ा हादसा हो सकता था.

    रेलवे सुरक्षा बल की ओर से इस पूरी घटना को “ऑपरेशन जीवन रक्षा” के तहत एक सफल रेस्क्यू बताया गया है. रेलवे अधिकारियों ने भी कांस्टेबल सविता की बहादुरी की सराहना की और कहा कि उनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने एक परिवार को उजड़ने से बचा लिया. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रेलवे स्टेशनों पर तैनात सुरक्षा कर्मी सिर्फ ड्यूटी ही नहीं निभाते, बल्कि जरूरत पड़ने पर लोगों के लिए फरिश्ता भी बन जाते हैं.

     

     



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