झारखंड का हेल्थकेयर अपग्रेड: कैंसर, IVF, बोन मैरो ट्रांसप्लांट से लेकर हेपेटोलॉजी तक सबकुछ अब एक छत के नीचे

    झारखंड का हेल्थकेयर अपग्रेड: कैंसर, IVF, बोन मैरो ट्रांसप्लांट से लेकर हेपेटोलॉजी तक सबकुछ अब एक छत के नीचे

    रांची(RANCHI): राज्य में अब लगातार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए होड मची हुई है. ऐसे में जबसे राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने स्वास्थ्य विभाग की कमान संभाली है, तबसे इन चीजों पर कुछ खास ध्यान दिया जा रहा है. वहीं अब मृत्यु के बाद, बिल बकाया होने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन परिजनों को शव देने से मना नही कर सकता. साथ ही आयुष्मान योजना के बकाया पैसे दिलाने की पहल और अब रिम्स 2 की पहल राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त करने की राह पर एक अहम कदम साबित हो रहा है. वहीं इसके अलावा अब सदर अस्पताल की व्यवस्था को भी दुरुस्त करने की पहल की जा रही है, और तो और अब कई मायनों में रिम्स से बेहतर सुविधा सदर अस्पताल में देखने को मिल रही है. इसके लिए पहले सदर में प्लास्टिक सर्जरी और कैंसर, गैस्ट्रो, न्यूरो-नेफ्रो, हेमेटोलॉजी, कार्डियोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी जैसे विभागों की शुरुआत के लिए पहले 500 बिस्तर लगाए गए थे पर अब ये बिस्तर भी भर चुके है. 

    ऐसे में नए भवन की जरूरत महसूस होने लगी है. इसे देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर जी+7 मंजिला नए अस्पताल भवन के निर्माण का आग्रह किया है. पत्र में ये कहा गया है कि सदर अस्पताल में और सुविधा बढ़ाने और मरीजों के बेहतर इलाज के लिए जगह की कमी महसूस हो रही है. ऐसे में नए भवन का निर्माण जरूरी है. उन्होंने ये भी बताया है कि नए भवन के बनने के बाद उसमें कैंसर, न्यूरो, नेफ्रो और ब्लड डिसऑर्डर्स के इलाज के लिए एक अलग जगह बन जाएगी. साथ ही बोन मेरो ट्रांसप्लांट की पूरी यूनिट यहां शिफ्ट कर दी जाएगी. और तो और अब लोगों को यहां आइवीएफ की भी सुविधा मिलेगी, जिससे निःसंतान दंपति को भी माता पिता बनने का अवसर मिलेगा. वहीं करीब और आधा दर्जन नए विभागों का संचालन भी हो सकेगा, जिसमें हेपेटोलॉजी विभाग भी शामिल हैं. सरकारी स्तर पर सुविधा मिलने से लागत भी कम होगी और भरोसेमंद इलाज समय पर उपलब्ध होगा. 

    सदर अस्पताल में कैंसर विभाग का विस्तार करते हुए पेट-सीटी स्कैन मशीन लगाने की योजना भी बनाई गई है. बता दें की पेट-सीटी स्कैन मशीन रिम्स में भी उपलब्ध नहीं है. यह मशीन खासकर कैंसर की सटीक पहचान और स्टेजिंग के लिए बेहद जरूरी है. हालांकि अब देखने वाली बात होगी की इसपर विभाग की ओर से कब मंजूरी मिलती है. वहीं आपको ये भी याद दिल दें कि हाल ही में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात की थी जिसमें उन्होंने देवघर के बाद अब रांची में भी एम्स की स्थापना की भी बात कही है.


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