झारखंड का गैंगवार पंहुचा उत्तराखंड: जमशेदपुर के विक्रम शर्मा को पिस्टल निकालने का भी मौका नहीं मिला,ऐसी थी कुंडली


धनबाद(DHANBAD): सूत्रों के अनुसार अपराधी से "सफेदपोश " बने झारखंड के जमशेदपुर के विक्रम शर्मा पर दर्जन भर मामले दर्ज थे. इन दिनों वह सभी मामलों में जमानत पर था. शुक्रवार की सुबह उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में विक्रम शर्मा को गोलियों से भून दिया गया. पुलिस इस हत्याकांड को गैंगवार से भी जोड़ कर देख रही है. देहरादून की पुलिस झारखंड पुलिस के संपर्क में है और अपराधियों की खोजबीन में लगी हुई है. माना जा रहा है कि विक्रम शर्मा हत्याकांड का तार झारखंड के जमशेदपुर से जुड़ा हुआ है.
उत्तराखंड में जाकर तो विक्रम शर्मा कारोबारी बन गया था. वहां किसी से दुश्मनी की बात अभी तक सामने नहीं आई है. घटना सुबह 10:00 बजे की है. पुलिस के अनुसार कई दिनों तक रैकी करने के बाद इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है. विक्रम शर्मा रोज की तरह जिम में कसरत करने गया था. लेकिन उसे नहीं मालूम था कि उसकी टोह शूटर लगे हुए है. मौत उसका बाहर इंतजार कर रही है.
जैसे ही विक्रम शर्मा जिम से बाहर निकला और नीचे जाने के लिए सीढ़ियों पर कदम रखा, हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. उसे सटाकर तीन गोलियां मारी गई. बताया जाता है कि हमलावरों ने विक्रम शर्मा को कोई मौका नहीं दिया। मौके पर उसकी मौत हो गई. जानकारी के अनुसार विक्रम शर्मा की हत्या करने तीन अपराधी पहुंचे थे. दो शूटर थे जबकि एक बाहर में उनका इंतजार कर रहा था. विक्रम शर्मा को गोली मारने के बाद शूटर बाहर आए और बाइक पर सवार होकर फरार हो गए.
घटनास्थल की तस्वीर

विक्रम शर्मा देहरादून में किराए के फ्लैट में रह रहा था. अपनी सुरक्षा के लिए वह हमेशा लाइसेंसी पिस्तौल रखता था. लेकिन हमला इतना अचानक हुआ कि उसे हथियार निकालने का भी मौका नहीं मिला। पुलिस इस पूरे मामले को पुरानी रंजिश और गैंगवार से जोड़कर देख रही है. मामले की जांच के लिए एसटीएफ का गठन किया गया है. एसटीएफ झारखंड पुलिस के संपर्क में है. सूत्रों के अनुसार विक्रम शर्मा माफिया डॉन और फिलहाल दुमका जेल में बंद अखिलेश सिंह का आपराधिक गुरु था. 2017 में उसे जमशेदपुर पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार किया था। उस समय जमशेदपुर के एसएसपी अनूप टी मैथ्यू थे। श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या का भी वह आरोपी बताया जाता है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
4+