Jharkhand: निकाय चुनाव में भाजपा के बजेगा डंका कि झामुमो लगा देगा सेंध, पढ़िए पुराना परिणाम !


धनबाद (DHANBAD) : निकाय चुनाव में क्या बीजेपी अपने पुराने रिकॉर्ड को दुहरा पाएगी अथवा इस बार उसे कड़ा संघर्ष करना होगा? यह अलग बात है कि निगम चुनाव के पहले ही झारखंड में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू बन गए हैं. उनके लिए भी निकाय चुनाव झारखंड में बड़ी चुनौती होगी. सूत्रों के अनुसार पिछले नगर निगम के जीते मेयर भाजपा से जुड़े हुए थे. इस बार के निगम चुनाव में, चुकि झारखंड मुक्ति मोर्चा भी पूरी ताकत से लगा हुआ है. इसलिए कड़े संघर्ष की उम्मीद की जा रही है. चुनाव तो निर्दलीय नहीं हो रहा है, लेकिन पार्टियों की ओर से प्रयास है कि एक ही उम्मीदवार खड़ा हो. राजनीतिक दल इसमें कितने सफल होंगे यह तो आने वाला वक्त बताएगा.
भाजपा के लिए भी चुनाव बहुत आसान नहीं होगा
झारखंड में महागठबंधन को एक रखना भी बहुत आसान नहीं होगा. अगर देखा जाए तो निकाय चुनाव को लेकर झारखंड में कांग्रेस बहुत पहले से ही तैयारी कर रही थी. झारखंड के कांग्रेस प्रभारी के राजू कई बार बैठक कर चुके हैं, लेकिन प्रत्याशियों की घोषणा में झामुमो में आगे-आगे है. हो सकता है कि झामुमो महागठबंधन में दबाव की राजनीति करना चाहता हो और इसलिए उम्मीदवारों की लगातार घोषणा कर रहा है. लेकिन इसका परिणाम आगे क्या होगा ,यह कहना मुश्किल है. कांग्रेस भी दावेदारों को फॉर्म भरकर देने को कही है. कांग्रेस में भी उम्मीदवारों की संख्या कम नहीं है.
महागठबंधन में दिख रहे हैं बहुत सारे कील-कांटे
झारखंड मुक्ति मोर्चा में भी कम नहीं हैं. ऐसे में महागठबंधन में क्या होगा, यह आने वाला वक्त ही बता सकता है. सूत्रों पर अगर भरोसा करें तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश से लौटने के बाद निकाय चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा अभियान और तेज करेगा. इधर, कांग्रेस ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा है कि भाजपा सभी 48 नगर निकाय चुनाव में अपने कार्यकर्ताओं की जीत सुनिश्चित करेगी. महाराष्ट्र जैसा परिणाम झारखंड में भी दोहराया जाएगा. हालांकि भाजपा दलीय आधार पर चुनाव कराने की मांग कर रही है. बैलेट से भी चुनाव का विरोध कर रही है. उसका मानना है कि ईवीएम से चुनाव होना चाहिए, लेकिन अब ऐसा कुछ दिख नहीं रहा है कि ईवीएम से चुनाव हो पाएगा.
पिछले चुनाव में किस दल से जुड़े कौन बने थे मेयर, पढ़िए डिटेल्स
निगम में मेयर पदों के लिए चुनाव पर नजर दौड़ाई जाए, तो आदित्यपुर नगर निगम से विनोद श्रीवास्तव चुनाव जीते थे, जो भाजपा से जुड़े बताएं जाते है. हजारीबाग नगर निगम से भाजपा से जुड़े रोशन तिर्की चुनाव जीते थे. गिरिडीह नगर निगम से भाजपा से जुड़े सुनील पासवान विजय रहे थे. मेदिनीनगर से अरुणा शंकर ने भाजपा को जीत दिलाई थी. रांची नगर निगम से भाजपा से जुड़ी आशा लकड़ा चुनाव जीती थी. धनबाद नगर निगम से भाजपा से जुड़े शेखर अग्रवाल चुनाव जीते थे.
चास नगर निगम से निर्दलीय भोलू पासवान विजई रहे थे
चास नगर निगम से निर्दलीय भोलू पासवान विजई रहे थे तो देवघर से निर्दलीय रीता राज खबाड़े चुनाव जीती थी. अब इस बार क्या होगा ,देखने वाली बात होगी. वैसे, भी शहरी मतदाताओं की वजह से भाजपा को भरोसा है कि निकाय चुनाव में भाजपा अच्छा प्रदर्शन करेगीले. लेकिन इस बार झामुमो भी पूरी तैयारी के साथ मैदान में है. झारखंड मुक्ति मोर्चा शहरी मतदाताओं को कितना प्रभावित कर पाएगा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा. वैसे चुनाव को लेकर सभी दल सक्रिय है. निकाय चुनाव में एक बार फिर भाजपा का डंका बजेगा या झारखंड मुक्ति मोर्चा उसमें सेंध लगाएगा, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट हो पाएगा.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
4+