Jharkhand Politics: झारखंड के दो राज्य सभा सीटों पर अगले महीने चुनाव होने है. इसको लेकर राजनीतिक तापमान चढ़ने लगा है. किस दल से कौन उम्मीदवार होगा, इसकी चर्चा तेज हो गई है. इस बीच झारखंड के चर्चित विधायक सरयू राय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों पर अगले माह चुनाव होंगें। संभावना है कि एक सीट के लिए राजनीति संपर्क वाले उद्योग जगत के धनवान जोर आजमाइश करें। ऐसा झामुमो या भाजपा के समर्थन के बिना संभव नहीं होगा। ऐसे में हेमंत सोरेन और बाबूलाल मरांडी को स्थानीय प्रत्याशी पर विचार करना चाहिए।
एक सीट तो क्लियर ,दूसरी के लिए क्या-क्या होगा
वैसे भी, सरयू राय जो भी बातें कहते हैं, उसके पीछे तथ्य होता है. तो क्या सचमुच राजनीतिक संपर्क वाले उद्योग जगत के लोग राज्यसभा का उम्मीदवार बनने की कोशिश में है? दरअसल दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई सीट और भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने के कारण राज्य में अगले महीने राज्यसभा चुनाव होना है. संख्या बल के हिसाब से एक सीट झामुमो को जाना तय माना जा रहा है. दूसरी सीट के लिए एनडीए और महागठबंधन के बीच खींचतान होनी तय है.
किसके पास कितना संख्या बल
दरअसल, सत्ताधारी दल के पास कल 56 विधायक है. केवल झामुमो के पास 34, कांग्रेस के पास 16, राजद के पास चार और माले के पास दो विधायक है. एक उम्मीदवार को राज्यसभा पहुंचने के लिए 27 विधायकों की जरूरत होगी। ऐसे में झामुमो अपने 34 विधायक की बदौलत एक सीट आसानी से जीत सकता है. दूसरी ओर एनडीए के पास कुल 24 विधायक है. भाजपा के 21, आजसू के पास एक, लोजपा के एक और जदयू के एक विधायक है. भाजपा के पास अपनी बदौलत सीट जीतने के लिए संख्या बल नहीं है. लेकिन पार्टी एक सीट पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी है. मतलब साफ है कि जोर आजमाइश होगी। ऐसे में विधायक सरयू राय के पोस्ट से ऐसा लगता है कि राज्यसभा का चुनाव झारखंड में दिलचस्प होगा। समर्थन जुटाने के लिए खेल किये जा सकते हैं.

