झारखंड पुलिस की ऐतिहासिक सफलता, नक्सलियों पर की सबसे बड़ी कार्रवाई, साइबर अपराध पर भी कसा शिकंजा!

    झारखंड पुलिस की ऐतिहासिक सफलता, नक्सलियों पर की सबसे बड़ी कार्रवाई, साइबर अपराध पर भी कसा शिकंजा!

    रांची (RANCHI) : अपराध और नक्सलवाद के खिलाफ झारखंड पुलिस का अभियान इस साल नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है. ऑपरेशन IG के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने जिस सटीकता और रणनीति के साथ कार्रवाई की, उसने राज्य में कानून-व्यवस्था की तस्वीर ही बदल दी है. जनवरी से सितंबर 2025 के बीच नक्सली मोर्चे पर जहां कई बड़ी उपलब्धियां दर्ज हुईं, वहीं गैंगवार, साइबर ठगी और अवैध तस्करी के नेटवर्क पर भी पुलिस ने करारा प्रहार किया है. रांची पुलिस मुख्यालय में ऑपरेशन IG माइकल एस. राज ने इन सभी अभियानों की विस्तृत जानकारी साझा की.

    नक्सल उन्मूलन में झारखंड पुलिस की ऐतिहासिक सफलता

    राज्य में चलाए जा रहे विशेष नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस ने जनवरी से सितंबर 2025 तक 266 नक्सलियों को गिरफ्तार किया, 30 को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया और 32 इनामी उग्रवादियों को मुठभेड़ों में ढेर कर दिया. इनमें कई करोड़ों के इनामी शीर्ष नक्सली भी शामिल हैं. पुलिस ने इस दौरान 167 हथियार, 11,950 गोलियां, 18,864 डेटोनेटर, 394 किलो विस्फोटक और 228 IED बरामद किए, साथ ही 37 नक्सली बंकरों को ध्वस्त किया गया.

    सबसे बड़ी सफलता मिली 1 करोड़ के इनामी नक्सली प्रयाग मांझी को बोकारो में मार गिराने में. वहीं, अनुज उर्फ सहदेव तोरेन (CCM, माओवादी) और साहेब राम नांझी उर्फ राहुल (10 लाख इनामी) भी पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए. इसके अलावा पप्पू लोहरा उर्फ सूर्यदेश लोहरा, मनीष गोंड उर्फ मनीष जी, और कुंवर मांझी उर्फ सहदेव मांझी जैसे कई इनामी उग्रवादी भी ढेर किए गए.

    गिरफ्तार नक्सलियों में 15 लाख के इनामी रविंद्र गंडू (TSPC), रणविजय महतो (माओवादी), कुंदन खैरवार उर्फ सुधीर सिंह, और PLFI का एरिया कमांडर कृष्णा यादव उर्फ तुफान जी शामिल हैं. वहीं, आत्मसमर्पण करने वालों में रविंद्र यादव, आनंद सिंह उर्फ कंतु सिंह, और लवलेश गढ़ू उर्फ लोकेश गंग जैसे बड़े नाम हैं.

    संगठित अपराध और गैंग्स पर निर्णायक प्रहार

    राज्य में सक्रिय आपराधिक गिरोहों पर भी पुलिस ने कड़ा शिकंजा कसा है. 105 से अधिक अपराधियों को पकड़ा गया, जिनमें सुनील कुमार उर्फ सुनील मीणा उर्फ मथक सिंह का नाम प्रमुख है जो अमन साहू गिरोह का मुख्य सदस्य था. पुलिस ने उसे अज़रबैजान से प्रत्यर्पित कर भारत लाने में सफलता पाई, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. पुलिस की पूछताछ में कई नए आपराधिक नेटवर्क का खुलासा हुआ है. 

    अगस्त से सितंबर के बीच 128 साइबर क्राइम मामलों में 106 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई. पुलिस ने 130 मोबाइल, 188 सिम कार्ड, 15 एटीएम कार्ड, लैपटॉप और ₹2.81 लाख नकद जब्त किए. NCRP पोर्टल पर दर्ज 4,281 शिकायतों में से ₹37 लाख से अधिक की राशि पीड़ितों को वापस दिलाई गई.

    साथ ही गिरिडीह से 41,600 लीटर अवैध स्प्रिट, सिमडेगा से 222 किलो गांजा, खूँटी से 700 ग्राम अफीम और 358 किलो डोडा चूर्ण जब्त किया गया. रांची में 12 ब्राउन शुगर तस्कर पकड़े गए, जबकि बोकारो में ₹3 लाख नकद, 100 ग्राम सोना और अवैध हथियार बरामद हुए.

    दिवाली, छठ पर्व और घाटशिला उपचुनाव के मद्देनज़र झारखंड पुलिस ने विशेष सुरक्षा योजना लागू की है. वहीं, बिहार उपचुनाव को देखते हुए सीमा से सटे आठ जिलों में अतिरिक्त बल और निगरानी बढ़ाई गई है.

    ऑपरेशन IG माइकल एस. राज ने स्पष्ट किया कि यह मुहिम सिर्फ शुरुआत है — झारखंड पुलिस अपराध और नक्सलवाद के खिलाफ अपनी निर्णायक कार्रवाई को और तेज गति से जारी रखेगी.

    रिपोर्ट: संतोष सिंह


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