रांची(RANCHI): हजारीबाग की निर्भया कांड को पाँच दिन बीत गए. इसके बावजूद पुलिस के हाथ खाली है. जिसे लेकर झारखंड में उबाल है. पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगा. इसी बीच अब भाजपा ने हजारीबाग बंद का ऐलान कर दिया है. साथ ही डुमरी विधायक ने भी सरकार और पुलिस पर निशाना साधा है. आज पूरा झारखंड सवाल पूछ रहा है आखिर कब तक बेटियाँ दरिंदों की शिकार होती रहेंगी.
दरअसल पूरा मामला हजारीबाग के विष्णुगढ़ का है. जहां बीते मंगलवार को हवसी दरिंदों ने घर से बाहर कुछ समान लेने निकली 12 साल की मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया. इसके बाद पास के जंगल में लेजाकर उसे हवस का शिकार बनाया. बच्ची के साथ दरिंदगी की सारी हदे पार कर दी. उसके दांत को तोड़ कर प्राइवेट पार्ट में डाल दिया. और फिर उसकी हत्या कर शव को जंगल में छुपा दिया. इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. लेकिन पाँच दिन बीतने के बाद भी कही कोई कार्रवाई नहीं दिखी. जिससे झारखंड के लोगों में गुस्सा है.
वहीं इस पूरे मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने हजारीबाग बंद का ऐलान किया है. 20 मार्च रविवार को हजारीबाग में मशाल जुलूस निकाला जाएगा इसके बाद सोमवार को हजारीबाग बंद का ऐलान किया है. आदित्य साहू ने सवाल उठाया कि आखिर रामनवमी के समय सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम के दावे किए जा रहे थे. इस बीच बच्ची का अपहरण कर ऐसा कांड किया गया. जिसकी कही कोई माफी नहीं है. उन्होंने कहा कि पुलिस का डर अपराधियों में से खत्म हो गया. यही वजह है कि इस तरह से कोई भी राह चलते बेटी को उठा लेता है. उसमें खौफ ही पुलिस का नहीं बचा है.
वहीं डुमरी विधायक जयराम महतो ने कहा कि पुलिस सिर्फ बालू कोयला में वसूली कर रही है. जनता मार रही है और बेटियाँ दरिंदों के निशाने पर है. आखिर कब तक राज्य की जनता को सरकार झूठा सुरक्षा का अश्वशन देती रहेगी. हजारीबाग की घटना ने पूरे झारखंड को शर्मशार किया है. आरोपी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पाँच दिन बीतने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होना सवाल खड़ा कर रहा है. आखिर पुलिस किसे बचा रही है.
Thenewspost - Jharkhand
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