Jharkhand Congress: हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में क्यों बदले जाएंगे कांग्रेस कोटे के मंत्री,क्यों है दिल्ली में डेरा!

    इसका क्या असर हुआ, इसका तो पता नहीं चला है, लेकिन बताया जाता है कि कांग्रेस के कई विधायक दिल्ली में कैंप कर रहे हैं.

    Jharkhand Congress: हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में क्यों बदले जाएंगे कांग्रेस कोटे के मंत्री,क्यों है दिल्ली में डेरा!

    धनबाद(DHANBAD):  तो क्या झारखंड में कांग्रेस कोटे के एक अथवा दो मंत्रियों को बदल दिया जाएगा।  यह चर्चा रांची से लेकर दिल्ली तक  तेज है.  इधर, नाराज विधायकों का दबाव भी आलाकमान  पर बढ़ गया है.  देखना दिलचस्प होगा कि आगे -आगे होता है क्या? नाराज विधायकों के अपने तर्क हैं.  झारखंड  कांग्रेस में सब कुछ सही नहीं है.  इसके पहले भी झारखंड के नाराज  कांग्रेस नेता दिल्ली दरबार में पहुंचे थे.  फिर एक बार पहुंचे है.  दरअसल, सूत्रों के मुताबिक पिछली बार मंत्रियों को यह निर्देश दिया गया था कि वह चार विधायकों के साथ समन्वय बनाकर जनमुद्दों पर काम करेंगे।


      इसका क्या असर हुआ, इसका तो पता नहीं चला है, लेकिन बताया जाता है कि कांग्रेस के कई विधायक दिल्ली में कैंप कर रहे हैं.  सूत्र बता रहे हैं कि यह नाराजगी पार्टी के मंत्रियों के खिलाफ है.  इसके बाद तो सरकार पर भी सवाल उठने लगे है.  दिल्ली में डेरा जमाये  विधायकों  की शिकायत है कि कांग्रेस कोटे के मंत्री उनकी बातों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं.  इन विधायकों ने पार्टी के कई पदाधिकारी से अपने मन की बात कही है.  विधायकों की मांग है कि महागठबंधन सरकार में संतुलन बनाए रखने के लिए योग्य और अनुभवी कांग्रेस विधायकों को भी मंत्री बनने का अवसर दे. 

     दरअसल, चुनाव के बाद कांग्रेस कोटे के मंत्री बनने के बाद से ही विवाद चल रहा है.  इस खींचतान में कई बार नाराज नेता दिल्ली दरबार पहुंचे और उन्हें कोई ना कोई आश्वासन देकर मना  लिया गया.  अभी देश के चार राज्यों में कांग्रेस सत्ता में है.  कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में पूरी तरह से कांग्रेस सत्ता में है.  जबकि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा का सहयोगी है.  झारखंड के कांग्रेसी सरकार चलाने में रुचि रखने के बजाय आपसी विवाद पर ज्यादा ध्यान दे रहे है.  पांच विधायक केंद्रीय नेतृत्व को यह बताने के लिए पहुंचे हैं कि कांग्रेस के चार मंत्री, कार्यकर्ताओं को तो छोड़िए, अपने ही विधायकों की भी नहीं सुन रहे.  विधायकों की मांग  है कि चारों मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा होनी चाहिए और जरूरत के हिसाब से इनको पद से हटा भी देना चाहिए।  दिल्ली पहुंचे नाराज विधायको  का कहना है कि वह किसी नेता या मंत्री के बेटे होकर विधायक नहीं बने हैं. 


     संगठन को वह बेहतर समझते हैं, फिलहाल झारखंड में कृषि मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की और डॉक्टर इरफान अंसारी ऐसे दो मंत्री हैं, जिनके पिता कांग्रेस के टिकट पर सांसद  और विधायक रहे हैं.  शिल्पी नेहा तिर्की के पिता बंधु तिर्की पार्टी के उपाध्यक्ष हैं, वह असम चुनाव के लिए पार्टी की ओर से ऑब्जर्वर भी बनाए गए है.  वहीं इरफान अंसारी के पिता फुरकान अंसारी सांसद रह चुके हैं.  नाराज विधायकों का आरोप है कि मंत्रियों की कार्यशैली संतोषजनक नहीं है.  झारखंड में कांग्रेस के 16 विधायक हैं और चार विधायक मंत्री हैं.  सूत्र बताते हैं कि विधायकों की शिकायत पर आलाकमान   गंभीर है और हो सकता है कि किसी एक या दो  मंत्रियो  को बदल दिया जाए, लेकिन यह केवल अटकल है, परिणाम के लिए प्रतीक्षा करनी होगी। 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Related News

    Our latest news