TNP DESK- बंगाल चुनाव के बाद झारखंड भाजपा में बड़े बदलाव की आहट शुरू हो गई है. छोटे -छोटे नेता भी इसकी चर्चा करने लगे है. बदले जाने के कारण भी बता रहे हैं. केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश प्रभारी के पद पर किसी मजबूत नेता को बैठा सकती है. नाम भी चर्चे में है. उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और बंगाल के बीच झारखंड एक ऐसा राज्य है, जहां भाजपा विपक्ष में है. ऐसे में बीजेपी झारखंड पर भी ध्यान केंद्रित किया है.
झारखंड के भाजपा नेताओं को साफ़ सन्देश दे दिया गया है
पार्टी के नेताओं को मैसेज दे दिया गया है कि वह एकजुट रहे और आपसी खींचतान से बचे. सूत्रों की माने तो राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल को झारखंड की जिम्मेवारी दी जा सकती है और इसकी घोषणा अगले महीने होने की पूरी उम्मीद है. सूत्र बता रहे हैं कि सुनील बंसल बंगाल में जीत के पहले उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए रणनीति बना चुके हैं. चर्चा तो यह भी है कि किसी नए संगठन प्रभारी को भी झारखंड भेजा जा सकता है. हालांकि इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं हो रही है. वैसे, 2027 में उत्तर प्रदेश का भी चुनाव है. भाजपा के लिए यह चुनाव भी बहुत महत्वपूर्ण है.
योगी मंत्रिमंडल के विस्तार को चुनाव के चश्में से देखा जा रहा
दो दिन पहले योगी मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया और मंत्रिमंडल में खाली 6 सीटों को भर दिया गया है. इसे चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है. बताया जा रहा है कि सुनील बंसल को झारखंड की जिम्मेवारी देकर भाजपा झारखंड में 2029 में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मजबूती के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है. यह बात सच है कि झारखंड में 2014 में शासन में रहने के बावजूद 2019 और 2024 में भाजपा पूरी तरह से कमजोर रही. संथाल परगना में भाजपा अपने को मजबूत नहीं कर सकी। नेताओं में भी खींचतान बनी रही. अब चुकि चार राज्यों के बीच झारखंड में ही भाजपा विपक्ष में है. इसलिए भी बीजेपी झारखंड पर ध्यान केंद्रित किया है. इसके उदाहरण दिखने भी लगे हैं. भाजपा नेताओं को एकजुट रहने की कड़ी सलाह दी जा चुकी है.

