झारखंड-बंगाल सरकार हुई "पानी -पानी", पढ़िए-ममता बनर्जी अड़ेगी या हेमंत सोरेन झुकेंगे !

    झारखंड-बंगाल सरकार हुई "पानी -पानी", पढ़िए-ममता बनर्जी अड़ेगी या हेमंत सोरेन झुकेंगे !

    धनबाद(DHANBAD) : माननीय मुख्यमंत्री हेमंत जी!! अपने अंदर हिम्मत लाइए और ममता सरकार का प्रतिकार कीजिये. अपनी राजनीति के कारण झारखंड की अर्थव्यवस्था को ममता सरकार के द्वारा "हाईजैक" मत होने दीजिये. यह कहना है झारखंड में प्रतिपक्ष के नेता अमर कुमार बाउरी का. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर यह बातें कही है. पानी ने झारखंड और पश्चिम बंगाल सरकार को पानी-पानी कर दिया है. पिछले कई दिनों से लगातार बारिश होने की वजह से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. डीवीसी ने मैथन और पंचेत डैम से पानी छोड़ना शुरू किया. इसके बाद पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आरोप है कि जानबूझकर डीवीसी  से अधिक पानी छोड़ा गया. जिसके कारण पश्चिम बंगाल में बाढ़ की स्थिति बन गई है. इस मामले को लेकर ममता बनर्जी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात भी की थी, लेकिन अब स्थिति बिगड़ती जा रही है. पश्चिम बंगाल सरकार ने झारखंड -बंगाल बॉर्डर को सील कर दिया है.

    झारखंड की ओर से ट्रके  बंगाल में नहीं प्रवेश कर पा रहे 
      
    झारखंड की ओर से ट्रकें बंगाल में नहीं प्रवेश कर पा रहे है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे प्राकृतिक प्रकोप नहीं, बल्कि मानव निर्मित प्रकोप बताया है. बंगाल के मुख्यमंत्री के निर्देश पर बंगाल सरकार ने बंगाल-झारखंड सीमा को सील करने का फैसला लिया है. पश्चिम बंगाल सरकार के अचानक लिए गए इस फैसले से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है. पश्चिम बंगाल के आधा दर्जन थानों  की पुलिस चेक पोस्ट पर तैनात है. झारखंड की ओर से बंगाल में गाड़ियां प्रवेश करने नहीं दी जा रही है. जिन मालवाहक वाहनों को रोका गया है, उनमें जरूरी सामान लदी गाड़ियां भी है. हालांकि पुलिस छोटी गाड़ियों को जाने दे रही है. पानी की वजह से आसनसोल, दुर्गापुर, वर्धमान, रघुनाथपुर, पुरुलिया क्षेत्र के निचले  इलाकों में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है. इस बीच गाड़ियों को रोके जाने से नाराज झारखंड सहित अन्य राज्यों के चालकों ने कहा है कि अगर समय पर माल की डिलीवरी नहीं होगी, तो उन्हें परेशानी झेलनी पड़ेगी. जब उन लोगों को बंगाल में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है, तो बंगाल की गाड़ियों को भी झारखंड में प्रवेश पर जिला प्रशासन रोक लगाए. 

    मैथन और पंचेत से 80 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा
     
    इधर, यह भी सूचना है कि डीवीसी का कहना है कि मैथन और पंचेत  से 80 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. इससे  दक्षिण बंगाल के हावड़ा और हुगली में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ सकती है. बारिश के कारण मैथन और पंचेत के बांध  पर दबाव बढ़ रहा है. झारखंड-बंगाल बॉर्डर पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई है.   झारखंड और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच टकराव के हालात उत्पन्न हो गए है. पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं. उन्होंने कहा कि लगातार झारखंड सरकार और डीवीसी से बात करने के बाद भी पानी छोड़ा जा रहा है. जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है.इधर, कहा जा रहा है कि लगातार बारिश के बाद मैथन और पंचेत डैम का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया. डैमों की सुरक्षा को ध्यान में रख केंन्द्रीय जल आयोग और डीवीसी के एमआरओ विभाग को मैथन और पंचेत डैम से पानी छोड़ा है. आयोग हर पल डैमों के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और उसके आधार पर पानी छोड़ने की मात्रा कम भी की जा रही है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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