गिरिडीह के जैन तीर्थ सम्मेद शिखर जी विवाद : हमें पर्यटन नहीं,पवित्रता चाहिए, जानिए क्या कहते हैं धनबाद  के जैनी 

    गिरिडीह के जैन तीर्थ सम्मेद शिखर जी विवाद : हमें पर्यटन नहीं,पवित्रता चाहिए, जानिए क्या कहते हैं धनबाद  के जैनी 

    धनबाद(DHANBAD) : गिरिडीह के जैन तीर्थ सम्मेद शिखर जी को तीर्थ स्थल ही रहने दिया जाये. इसे पर्यटन स्थल नहीं बनाया जाये. इसको लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. सरकार के इस  निर्णय का विरोध तेज हो रहा है. अमूमन शांत रहने वाला यह समाज आज शांतिपूर्ण ढंग से ही सड़क पर है और सरकार से आग्रह कर रहा है कि अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे. शांत और विवादों से दूर रहने वाला यह समाज की मांग है कि इस  धरती को अपवित्र नहीं किया जाये. धनबाद कोयलांचल में भी जैनियों की संख्या कम नहीं है. यहां भी जैनी है और गिरिडीह से सीधे उनका जुड़ाव है. 

    सरकार अपने निर्णय पर पुनर्विचार करें

    धनबाद के लोगों में भी देश के अन्य लोगों की तरह गुस्सा है. सरकार से मांग की जा रही है कि सरकार अपने निर्णय पर पुनर्विचार करें. उनका कहना है कि तीर्थ स्थान को अगर पर्यटन स्थल बना दिया जाएगा तो क्षेत्र की पवित्रता नष्ट हो जाएगी. लोग वहां पिकनिक मनाने जाएंगे, ऐसे में मांस, मदिरा, गंदगी, चप्पल- जूते से  इलाका अपवित्र हो जाएगा और इससे जैन धर्मावलंबियों को ठेस पहुंचेगी.  हालांकि इस विरोध को  सरकार भी गंभीरता से ले रही है और जैसी की सूचना है सरकार अपने निर्णय में संशोधन पर विचार कर रही है.  देखना है कि संशोधन का आश्वासन दिखावा है या सरकार जैन धर्मावलंबियों के की भावनाओं का आदर करती है. 

    रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह, धनबाद


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