शिक्षा के नाम पर बच्चों की जान से खिलवाड़, जानिए क्या है मामला


धनबाद (DHANBAD): धनबाद में ढहते-ढिमलाते शिक्षा के मंदिर (सरकारी) को अगर किसी को देखना हो तो डीएवी मध्य विद्यालय टासरा जाकर देख सकते है. इस मध्य विद्यालय के कमरों की छत अपनी दयनीय हाल को बता रही है. छत कब गिर जाए, कोई नहीं बता सकता. सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि उसी छत के नीचे बैठकर बच्चे पढ़ाई करते हैं. यानी सीधे तौर पर बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रही है.
बरसात में टपकता है छत से पानी
ऐसी बात नहीं है कि जिला स्तरीय शिक्षा अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं होगी बावजूद उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है. और बच्चे अपनी जिंदगी को खतरे में डालकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. दीवारों पर भी दरारें पड़ गई हैं. बरसात में पानी छत से टपकता है. विद्यालय परिसर में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है. ऐसे में स्वच्छ भारत अभियान का क्या होगा. इसके लिए कौन जिम्मेवार है. क्या इसकी जांच पड़ताल कर कभी जिम्मेवार अधिकारी को दंडित भी किया जाएगा या स्कूल भवन की मरम्मत तभी होगी, जब कोई हादसा हो जाएगा.
हर घर नल योजना का हाल और भी ख़राब
यह तो हुई भवन की बात, आइए अब देखते हैं, हर घर नल योजना का हाल. स्कूल में चापाकल है. बच्चे उसी पानी से अपनी प्यास बुझाते हैं. मिड डे मील खाने के बाद पानी पीते है. दावा तो बहुत होता है लेकिन जमीनी सच्चाई क्या है, यह देखने के लिए एसी कमरों से बाहर निकलना होगा लेकिन इतनी जहमद आखिर उठाएगा कौन. जनप्रतिनिधियो को भी यह सब जानने-समझने की फुर्सत नहीं है. जनप्रतिनिधियों से जब बात करिए तो विकास की लंबी-चौड़ी डींगे हांकेंगे लेकिन जमीन पर क्या सच्चाई है इसके बारे में पूछने पर तोता रट वाली ही बात कहेंगे.
रिपोर्ट : प्रकाश
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