अंकिता मौत मामला: फास्ट ट्रैक कोर्ट में आरोपी शाहरुख की फांसी की मांग को लेकर लोगों का जोरदार प्रदर्शन


दुमका (DUMKA) : इकतरफा प्यार में सनकी आशिक ने दुमका की बेटी अंकिता को ऐसी सजा दी, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए. एक सप्ताह पहले नगर थाना क्षेत्र के जरुवाडीह निवासी अंकिता सिंह जब अपने कमरे में सोई हुई थी. उसी समय सिरफिरे आशिक शाहरुख ने 4 बजे सुबह उसके खिड़की के पास पहुंचकर खिड़की के सहारे पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी. गंभीर स्थिति में परिजन उसे लेकर दुमका के फूलोझानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद अंकिता को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया. रिम्स में जिंदगी की आस में अंकिता 1 सप्ताह तक मौत से जंग लड़ती रही लेकिन आखिरकार शनिवार की रात वह जिंदगी की जंग हार गई.
अंकिता की मौत की खबर सुनकर दुमका में आज दिनभर भारी बवाल हुआ. विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, भाजपा सहित काफी संख्या में स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतर कर पूरे बाजार को बंद करा दिया. कुछ जगहों पर दुकानें बंद कराने को लेकर दुकानदार और आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई. टीन बाजार चौक से आंदोलनकारी मारवाड़ी चौक होते हुए जरूवाडीह गांव पहुंचे और वहां मृतिका तथा आरोपी के घर की तरफ बढ़ना चाहते थे, लेकिन प्रशासन की ओर से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई थी. सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को उसके घर की तरफ बढ़ने से रोक दिया. उसके बाद आंदोलनकारी टाटा शोरूम चौक होते हुए दुधनी टावर चौक पहुंचे और वहां मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. घंटों सड़क पर बैठकर प्रदर्शनकारी सरकार और प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी करते रहे. नगर थाना की पुलिस भी मूकदर्शक की भांति भीड़ का हिस्सा बनी रही. टावर चौक पर मुख्यालय डीएसपी विजय कुमार ने माहौल को संभाला. लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया.
राजनीतिक सरगर्मी तेज होने की संभावना
फिलहाल यह मामला भले ही शांत लग रहा हो लेकिन आग सुलग रही है. मृतका का शव दुमका पहुंचते ही एक बार फिर लोगों का आक्रोश बढ़ेगा और इस घटना को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका
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