पाकुड़ के आवासीय विद्यालय में नशे की हालत में छात्रों से मारपीट, खराब भोजन की शिकायतों से मचा हड़कंप

    पाकुड़ के आवासीय विद्यालय में नशे की हालत में छात्रों से मारपीट, खराब भोजन की शिकायतों से मचा हड़कंप

    पाकुड़(PAKUR):पाकुड़ जिले के कित्ताजोर स्थित अनुसूचित जनजातीय आवासीय विद्यालय से एक गंभीर मामला सामने आया है,जहां विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों ने मारपीट दुर्व्यवहार और खराब भोजन मिलने की शिकायत की है.छात्रों का कहना है कि उन्हें रोजाना ऐसा भोजन दिया जाता है जिसकी गुणवत्ता बेहद खराब होती है जिससे उन्हें परेशानियां झेलनी पड़ती है.

    पढ़े छात्रों ने क्या बताया

    कई छात्रों ने यह भी बताया कि विद्यालय प्रबंधन की ओर से उनके साथ अकसर मारपीट की जाती है.कुछ छात्रों का यह भी आरोप है कि नशे की हालत में भी उन्हें पीटा जाता है और जब वे शिकायत करने की कोशिश करते हैं तो उल्टा उन्हें ही डांट डपट सुननी पड़ती है.

    भोजन की स्थिति को देखकर अधिकारी भी हैरान

    यह खबर मिलते ही नगर परिषद पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार चौधरी और अंचलाधिकारी अरविंद कुमार बेदिया तुरंत विद्यालय पहुंचे. दोनों अधिकारियों ने सभी छात्रों से अलग-अलग बात करके पूरी स्थिति समझी.इसके बाद उन्होंने विद्यालय की भोजनशाला का निरीक्षण किया और छात्रों को दिया जाने वाला भोजन खुद खाकर उसकी गुणवत्ता की जांच भी की.छात्रों द्वारा दी गई जानकारी और भोजन की स्थिति को देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए.

    जाँच का दिया आश्वासन 

    इधर मामले की जानकारी मिलते ही अंबेडकर विचार मंच के संयोजक सुजीत विद्यार्थी भी विद्यालय पहुंचे. उन्होंने छात्रों की बातें ध्यान से सुनी और विद्यालय प्रबंधन से कहा कि किसी भी बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार नहीं होना चाहिए. उन्होंने छात्रों को भरोसा दिया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से उठाया जाएगा.

    छात्रों द्वारा मारपीट खराब भोजन और लापरवाही की शिकायतें

    जांच करने पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि छात्रों द्वारा मारपीट खराब भोजन और लापरवाही की शिकायतें लिखित और मौखिक दोनों रूप में मिली है. उन्होंने कहा कि पूरी जांच की जा रही है और इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी. रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय प्रबंधन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

    भूमिका और बच्चों की सुरक्षा दोनों पर सवाल

    गौरतलब है कि यह आवासीय विद्यालय कल्याण विभाग द्वारा संचालित है और इसके संचालन की जिम्मेदारी एक एनजीओ को दी गई है. ऐसे में प्रबंधन की भूमिका और बच्चों की सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े हो गए है. छात्रों की शिकायतों ने विद्यालय की व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल उठा दिए हैं और अब सभी की नजरें प्रशासनिक जांच और उस पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है.

    रिपोर्ट: विकास कुमार


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