Success Story : धनबाद के अभिषेक कैसे बन गए लाखों के प्रेरणास्रोत ,कठिन परिस्थितियां भी कैसे  बन गई दासी,पढ़िए !!

    Success Story : धनबाद के अभिषेक कैसे बन गए लाखों के प्रेरणास्रोत ,कठिन परिस्थितियां भी कैसे  बन गई दासी,पढ़िए !!

    धनबाद (DHANBAD) : कौन कहता है कि प्रतिभा के आगे परिस्थितियां  नहीं झुकती. दिल में इरादा हो, इच्छा मजबूत हो ,परिवार का सपोर्ट हो तो कठिन से कठिन परिस्थितियां  दासी बन जाती है.  धनबाद के अभिषेक ने ऐसा ही कर   यह सब साबित कर दिया है .  इंडियन आईडल सीजन 16 के  कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार को शनिवार को इंडियन आइडल के मंच पर जब आमंत्रित किया गया तो, उन्होंने मोहम्मद रफी का कठिन गाना गाकर-- ये  दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं-- हम क्या करें-- पर खराब गले के बावजूद खूब वाहवाही  लूटी.  अभिषेक ने दूसरा गाना किशोर कुमार का-- रफ्ता रफ्ता देखो आंख मेरी लड़ी है-- आंख जिससे  से लड़ी है, वह पास मेरे खड़ी है, गाकर खूब प्रशंसा बटोरी.  

    अभिषेक ने  यूं ही यह उपलब्धि हासिल नहीं की.  उनकी कहानी संघर्ष की कहानी है.  लगन और जुनून की कहानी है.  आर्थिक तंगी के बावजूद धनबाद का नाम रोशन किया.  उनके पिता ठेले पर चाट  बेचते है.  इंडियन आइडल 16 में अपनी प्रतिभा से जजों को प्रभावित कर प्लैटिनम माइक हासिल करने वाले अभिषेक के  सफर का यह एक बड़ा पड़ाव है.  उनके पिता ठेले पर चार्ट बेचकर परिवार पालते है.   घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी लेकिन लेकिन किसी भी परिस्थिति में  वह हार नहीं माने.  बचपन से ही संगीत में रुचि थी.  3 साल की उम्र में ही स्टेज पर भजन गाने लगे थे.  कई बार रिजेक्ट होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार इंडियन आइडल 16 में चुने गए.  पहले ही परफॉर्मेंस में जजों को प्रभावित किया और सीधे टॉप 16 में जगह बनाई, परिवार वालों ने हमेशा उनका  साथ दिया और उनका परफॉर्मेंस देखकर खुश होते रहे.

     इधर ,झरिया विधायक श्रीमती रागिनी सिंह ने रविवार  को  इंडियन आइडल के प्रतिभागी अभिषेक कुमार के पिता जी के टूटे हुए ठेले को देखते हुए,  उनके जज़्बे को देखकर व उनकी आर्थिक स्थिति को समझते हुए उन्हें नया ठेला बनवाकर सुपूर्द  किया.  उन्होंने कहा कि अभिषेक की इस सफलता और परिवार के संघर्ष को सलाम करती हूँ, यह दिखाता है कि व्यक्ति को संघर्ष से ही सफलता प्राप्त होती है.  अभिषेक एक साधारण परिवार का बेटा है और उसको संवारने में उनके पिता का अहम योगदान और संघर्ष रहा.  मैं कोयलांचल के सभी लोगो से अनुरोध करूँगी कि अभिषेक कुमार को ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में वोट कर उन्हें इंडियन आइडल प्रतियोगिता का विजेता बनाएं ताकि अभिषेक इसी तरह धनबाद और झारखंड का नाम  रौशन करते रहे.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो   



    Related News