बाइक सवार दो अपराधियों ने 2009 में बिहारी लाल चौधरी प्रतिष्ठान के मालिक की ली थी जान, उस समय बाहुबली बिंदु सिंह का था आतंक
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धनबाद(DHANBAD): बिहारी लाल चौधरी धनबाद का पुराना प्रतिष्ठान है. इसके मालिक बिहारी लाल चौधरी पर 25 जून 2009 को हमला किया गया था. जिसमें उनकी जान चली गई थी. केंदुआ पुल के समीप की दुकान से वह उस काली रात को बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित अपने घर आ रहे थे. घर के गेट के समीप जैसे ही पहुंचे, अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. उस फायरिंग में उनकी जान चली गई. उस समय वह अपने बेटे के साथ घर आ रहे थे. इस हमले के बाद धनबाद में काफी बवाल मचा था. बिहारी लाल चौधरी की पहली दुकान केंदुआ में थी. धीरे-धीरे इस फर्म का विस्तार हुआ और धनबाद शहर सहित गोविंदपुर में बिहारी लाल चौधरी के नाम के प्रतिष्ठान खुल गए. यह प्रतिष्ठान कपड़े का व्यवसाय करता है.
2008-9 में धनबाद में बिंदु सिंह का था आतंक
जिस समय बिहारी लाल चौधरी पर हमला हुआ था, उस समय धनबाद में बिहार के बाहुबली कुख्यात बिंदु सिंह का आतंक चल रहा था. बिंदु सिंह बिहार और झारखंड में अपना गैंग फैला चुका था. लोकल लड़कों को शामिल कर लोगों को धमकाने, उनसे पैसा वसूलने का काम करता था. उस समय किसी मामले में वह धनबाद जेल में ही था. 2008-9 में धनबाद में बिंदु सिंह का आतंक था. कारोबारी सहित धनबाद के डॉक्टर उसके निशाने पर थे. कई अच्छे घर के लड़के भी धन कमाने की चाहत में उसके गैंग में शामिल हो गए थे. लगातार घटनाएं कर रहे थे. बाद में बिहार और झारखंड के अपराध जगत का चर्चित नाम बिंदु सिंह का निधन पटना के सरकारी अस्पताल में असाध्य रोगों के कारण हो गया. जिस समय उसकी मौत हुई ,उस समय भी वह न्यायिक हिरासत में पटना बेऊर जेल में बंद था. उस समय का दौर फिर धनबाद कोयलांचल में शुरू हो गया है. गैंग बदल गए हैं .उस समय बिंदु सिंह का आतंक था तो आज प्रिंस खान और अमन सिंह का धनबाद कोयलांचल में आतंक है. पुलिस डाल डाल चल रही है तो प्रिंस खान और अमन सिंह के लोग पात पात चल रहे हैं.
धनबाद पुलिस के लिए प्रिंस खान और अमन सिंह गिरोह चैलेंज बना हुआ है
यह बात भी सही है कि 1991 में झरिया के पूर्व विधायक सूर्य देव सिंह के निधन के बाद से बाहर के बाहुबली धनबाद पर नजर गड़ाए और यहां उत्पात मचाते रहे. जब तक सूर्यदेव सिंह जीवित थे, बाहर के अपराधियों को साहस नहीं हुआ कि वह कोयलांचल पर नजर उठा कर देखे. लेकिन उसके बाद कई गैंग यहां सक्रिय हुए, जिसमें बिहार के बाहुबलियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के बाहुबली शामिल रहे. उत्तर प्रदेश के बाहुबली रंगदारी के लिए फायरिंग तो कभी नहीं कराया लेकिन कोयले के धंधे में रंगदारी वसूलने का काम करते रहे. इस क्रम में कई हत्याएं भी हुई. फिलहाल धनबाद पुलिस के लिए प्रिंस खान और अमन सिंह गिरोह चैलेंज बना हुआ है. कारोबारी भय और दहशत में जी रहे हैं .अभी हाल ही में धनबाद बोकारो ,रांची के कारोबारी धनबाद में बैठक कर झारखंड चेंबर के नेतृत्व में बिगड़ी कानून व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है. अभी चेंबर की सक्रियता शुरू हुई ही है कि फिर गोविंदपुर में फायरिंग की घटना हो गई है.
रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो
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