कोयलांचल में भूमिगत आग बुझाने के लिए कई प्रयास जारी, जल्द होंगे सफल , IIT (ISM) निदेशक ने दिया भरोसा


धनबाद(DHANBAD) - IIT (ISM) के अतीत ,वर्तमान और भविष्य को लेकर आज निदेशक राजीव शेखर ने खुलकर मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा चाहते हैं कि देश में प्रोडक्ट का विकास हो, उस दिशा में हम लोग बहुत गंभीरता से काम कर रहे है. वैसे प्रोजेक्टों पर भी काम कर रहे हैं, जिनसे धनबाद, झारखंड और देश को लाभ हो. धनबाद का मास्टर प्लान तैयार किया गया है और यह पूरी तरह से वैज्ञानिक ढंग से बना है. इतना ही नहीं, कोयलांचल की सबसे बड़ी समस्या भूमिगत आग बारे में भी ढेरों काम किए गए है.
आग बुझाने का प्रयास
भूमिगत आग बुझाने का एकमात्र उपाय है नाइट्रोजन डालना लेकिन यह बहुत आसानी से नहीं हो सकता. जमीन के नीचे आग कहां-कहां है ,उसकी पूरी जानकारी लेकर हम काम कर रहे हैं और इसमें बीसीसीएल, सीएमपीडीआई या और संस्थानों का सहयोग भी ले रहे है. उन्होंने कहा कि बाहर के संस्थानों के पास काफी फंड होते हैं लेकिन हम लोग इसमें कमजोर पड़ते है. मेरा प्रयास होगा कि हम भी इसमें आगे बढ़े , संस्थान के एलुमिनी सहयोग कर रहे है. कई लोगों ने मदद की है लेकिन इसे और बढ़ाने के लिए हम लगातार कोशिश कर रहे हैं और भरोसा है कि यह प्रयास सफल होगा.
IIT (ISM) के रूप में अपने नए अवतार के बाद से, संस्थान ने खनन और पृथ्वी विज्ञान के अलावा अन्य इंजीनियरिंग विषयों में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसमें शैक्षणिक कार्यक्रम में सुधार, R&D पहल, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का निर्माण, और संकाय की संख्या में वृद्धि, और बुनियादी ढांचे का समग्र विकास शामिल है.
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