धनबाद में नौकरी के नाम पर ठगी के कैसे- कैसे खेल, पढ़िए कैसे शिक्षा विभाग था निशाने पर 

    धनबाद में नौकरी के नाम पर ठगी के कैसे- कैसे खेल, पढ़िए कैसे शिक्षा विभाग था निशाने पर

    धनबाद(DHANBAD): नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों  ने धनबाद को अपना बड़ा अड्डा बना लिया है.  एक बार फिर फर्जी नियुक्ति पत्र पर नौकरी का भंडाफोड़ हुआ है.  इस बार यह खुलासा शिक्षा विभाग में हुआ है.  नेशनल काउंसिल आफ एजुकेशन रिसर्च एवं ट्रेनिंग( एनसीईआरटी) के नाम  से  फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किया गया है.आश्चर्य  की बात है कि नियुक्ति पत्र को  लेकर सर्वेयर  और सुपरवाइजर के पद पर योगदान देने के लिए पांच युवक   धनबाद के जिला शिक्षा पदाधिकारी के ऑफिस में पहुंचे थे.  5 में 4 के पास सर्वेयर  और एक के पास जिला सुपरवाइजर का नियुक्ति पत्र था.  जब इसकी जांच -पड़ताल शुरू हुई तो पता चला कि एनसीईआरटी की ओर से इस प्रकार की कोई नियुक्ति पत्र जारी नहीं की गई है.  न हीं कोई नियुक्ति की गई है.  जानकारी के अनुसार पहुंचे लड़कों ने पत्र देते हुए कहा था कि मुख्यालय से ईमेल आया होगा, चेक कर लें और उन्हें योगदान करा दे. 

    लेटर में वेतन 22000 अंकित था 
     
    नौकरी ज्वाइन करने आए लड़कों ने बताया कि स्कूल में पांचवी से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के सर्वे का काम उन्हें करना है.  नियुक्ति पत्र में वेतन 22000 तथा TA और DA  के रूप में ₹3000 का भुगतान करने का निर्देश था.   सैलरी की राशि को देखकर जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय के किरानी  का माथा ठनका.  कार्यालय में   नियुक्ति पत्र लेकर रख लिया गया.  उसके बाद पांचो युवकों  को कुछ दिन बाद में आने के लिए कहा गया.  इसके बाद इस मामले में पूरी गोपनीयता रखते  हुए  नियुक्ति पत्र की  सत्यता की जांच कराई गई.  एनसीईआरटी को पत्र भेज कर नियुक्ति के बारे में जानकारी मांगी गई ,तो खुलासा हुआ कि इस तरह की कोई नियुक्ति पत्र जारी हुआ ही नहीं है.  फर्जी नियुक्ति पत्र देखने में असली जैसा लग रहे थे.  ग्रुप एन \ ए सर्विस के नाम पर नियुक्ति की गई थी.  यह  ग्रुप क्या है, कोई नहीं जानता. फर्जी नियुक्ति पत्र में एचआर मैनेजर के पद नाम से हस्ताक्षर है.  ट्रेनिंग के बाद सरकारी स्कूल में स्टूडेंट सर्वे प्रोग्राम के तहत धनबाद में काम करने का निर्देश था. 

    नौकरी के नाम पर फर्जी गैंग चलाने का फिर हुआ खुलासा 

     मतलब नौकरी के नाम पर फर्जी गैंग चलाने  वाले पूरी तरह से लड़कों को झांसे  में लिया होगा.  उनसे मोटी रकम ली गई  होगी.   फिर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर उन्हें योगदान  के लिए भेज दिया गया होगा.  अब देखना दिलचस्प होगा कि लड़के फिर योगदान  करने को आते हैं अथवा नहीं.  पांचो लड़कों का फर्जी नियुक्ति  पत्र जिला शिक्षा कार्यालय में रखा हुआ है. वरीय अधिकारियो के निर्देश पर आगे की कार्रवाई हो सकती है.  इसको आधार बना कर अगर जांच पड़ताल की कार्रवाई शुरू की जाए तो किसी बड़े गैंग का खुलासा हो सकता है.  अभी हाल ही में धनबाद पुलिस की  सक्रियता से नौकरी के नाम पर ठगी का गिरोह  चलाने  वाले दो लोग गिरफ्तार हुए थे.  इसके पहले भी इस तरह के मामले सामने आते रहे है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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