धनबाद: झारखंड में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने अब आर्थिक चोट करने की पूरी तैयारी कर ली है. भरोसे मंद सूत्रों के अनुसार झारखंड पुलिस, धनबाद, जमशेदपुर रांची सहित अन्य जिलों में सक्रिय संगठित गिरोह के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए अब इनके आर्थिक तंत्र को पूरी तरह से ध्वस्त कर देने की कार्रवाई शुरू कर दी है.
जानकारी के अनुसार बड़े-बड़े गैंगस्टरों की कुंडली तैयार की जा रही है. बताया जाता है कि इनकी बेनामी संपत्ति, बैंक लेनदेन और आर्थिक नेटवर्क की जांच का निर्देश दिया गया है.संबंधित जिलों की पुलिस एक्शन भी शुरू कर दिया है. झारखंड पुलिस की पैनी नजर प्रिंस खान गिरोह, अखिलेश सिंह गिरोह, राहुल सिंह गिरोह, अमन साहू गिरोह, सुजीत सिन्हा गिरोह पर है .इस गिरोह की हर गतिविधियों की जानकारी ली जा रही है.
आपको याद होगा कि झारखंड के बड़े गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या उत्तराखंड में कर दी गई थी. विक्रम शर्मा फिलहाल दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह का कथित गुरु बताया जाता है. जानकार बताते हैं कि गैंगस्टर विक्रम शर्मा की बुद्धि और अखिलेश सिंह की ताकत ने मिलकर एक बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था. अखिलेश सिंह फिलहाल दुमका जेल में बंद है. जबकि विक्रम शर्मा की हत्या कर दी गई है.
कहा तो यह जाता है कि विक्रम शर्मा हत्याकांड के तार झारखंड के जमशेदपुर से जुड़े हुए हैं. कुछ गिरफ्तारियां भी हुई है. लेकिन अभी तक इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस का खुलासा नहीं हुआ है. अमन साहू गिरोह भी झारखंड में अभी भी सक्रिय है. बता दें कि मार्च 2025 में पुलिस मुठभेड़ में अमन साहू मारा गया था. हालांकि अभी तक यह गैंग पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है .
इधर, धनबाद पुलिस को भी संगठित गिरोह के खिलाफ लगातार कई सफलताएं मिली है. गैंग्स के लोगों के साथ पुलिस की मुठभेड़ भी हुई है. जिसमें कई अपराधी घायल भी हुए हैं. धनबाद पुलिस की सबसे बड़ी सफलता है कि वह प्रिंस खान गैंग के सैफी को गिरफ्तार कर लिया है .यह गिरफ्तारी प्रिंस खान गैंग के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है. सैफी की जानकारी के बाद पुलिस इस गैंग को ध्वस्त कर सकती है. गैंग्स के आर्थिक स्रोत पर चोट करने की पुलिस की तेज हुई कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
कोयलांचल के लोगों को याद होगा कि जब धनबाद के तत्कालीन उपायुक्त मदन मोहन झा ने धनबाद में माफिया के खिलाफ अभियान शुरू किया था, तो उन्होंने पहला काम यही किया था कि उनके आर्थिक तंत्र को तोड़ दिया था. उनके हाथ से ठेका लेकर सहयोग समितियां को दे दिया था. इसका असर भी हुआ माफिया कमजोर पड़ गए. फिर या तो उन्हें जेल भेज दिया गया अथवा इलाका छोड़कर चले गए. झारखंड पुलिस भी अब इस तरह एक्शन की तैयारी में है. हालांकि हाल के दिनों में संगठित अपराधियों ने जो भी कार्रवाई की है, झारखंड पुलिस उस पर मजबूत पलटवार किया है.
रिपोर्ट धनबाद ब्यूरो

