गांव की पगडंडियों से निकल रही हॉकी की चैंपियन, ओलंपिक क्वालीफायर में झारखंड की चार बेटियां दिखायेंगी जौहर. पढ़िए इनकी कहानी

    गांव की पगडंडियों से निकल रही हॉकी की चैंपियन, ओलंपिक क्वालीफायर में झारखंड की चार बेटियां दिखायेंगी जौहर. पढ़िए इनकी कहानी

    Tnp desk:- जल, जंगल और जमीन के प्रदेश झारखंड में नये साल पर राष्ट्रीय खेल हॉकी का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा. ओलंपिक क्वालीफायर टूर्नामेंट में भारतीय महिला हॉकी टीम पेरिस ओलंपिक के लिए जगह बनाने के लिए जोर लगायेगी. पिछले साल एशियन चैंपियशिप की अगुवाई राज्य ने ही की थी. भारत ने एशिया का चैंपियन बनकर जतलाया था कि कितनी मजबूत हैं.

    भारतीय महिला हॉकी टीम में झारखंड की चार महिला प्लेयर्स खेलते हुए नजर आयेंगी, राज्य की ये बेटियां उस जगह से आती है, जहां संसाधनो की कमी है, मुफलिसी की मार है और नक्सलियों की परछाई है. इन तमाम खिलाफ हालातों से मुकाबला करते हुए, गांव की पगडंडियों से चैंपियन बनने तक का सफर तय किया है. भारत को ओलंपिक का टिकट दिलाने में झारखंड की चार बेटियां भी पूरी ताकत लगायेगी. इनमे डिफेंडर, मिडफिल्डर औऱ फोरवर्ड लाइन में अपनी खेल की चमक बिखेंरेगी. हम समझ सकते है कि कितना बड़ा योगदान टीम के लिए झारखंड की बेटियों निभायेगी. आईए इनके बारे में एक-एक करके तफ्सील जानते हैं.

    निक्की प्रधान – झारखंड के खूंटी जिले के हेसल गांव से निक्की प्रधान आती है. अपने लगन, मेहनत और संकल्प की बदौलत निक्की ने भारतीय टीम में जगह बनायी. अपनी हाड़ तोड़ संघर्ष की बदौलत हॉकी के खेल में खूब शोहरत कमायी. उसने 2016 में आयोजित रियो और पिछली बार आयोजित टोकियों ओलंपिक में भी हिस्सा ले चुकी है. निक्की चैंपियंस ट्रॉफी, एशिया कप, वर्ल्ड कप, कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे कई बड़े टूर्नामेंटस में भारतीय टीम के मिशन में जुड़ी रही. अनुभवी डिफेंडर निक्की विपक्षी पेल्यर्स के आक्रमण को नाकाम करने में माहिर है. बड़ी मुश्किल है कि उनकी मौजूदगी के दौरान कोई विरोधी टीम भारत के गोलपोस्ट में गोल दाग सके. ओलंपिक क्वालीफायर मैच में अपने घरेलू दर्शकों के सामने एकबार फिर अपने देश के लिए खेलते हुए नजर आय़ेंगी.

    ब्यूटी डूंगडूग -  सिमडेगा जिले के करंगागुड़ी गांव से से आने वाली ब्यूटी डूंगडूग तेज तर्रार मिडफिल्डर है. जो वक्त पड़ने पर आगे बढ़कर गोल भी विपक्षी टीम पर दाग देती है. ब्यूटी की कहानी तो बेहद ही फकाकाशी और गुरबत भरी रही है. आशियान खपरेल का था पर सपने बड़े थे. इसे हासिल करने के लिए निक्की ने हॉकी के मैदान में इतनी मेहनत और पसीना बहाया कि आज नतीजा सबके सामने हैं. ब्यूटी ने दिसंबर 2022 में स्पेन के वेलेंसिया शहर में आयोजित FIH महिला राष्ट्र कप में सीनियर टीम में जगह बनायी. इससे पहले दक्षिण अफ्रीका में आयोजित FIH हॉकी महिला जूनियर विश्व कप 2021 में खेली थी. डुंगडुंग ने पहली बार 2016 में अंडर-14 में खेलते हुए अपनी जगह बनायी थी. ओलंपिक क्वालीफायर में ब्यूटी खेलती हुई नजर आय़ेगी. उम्मीद है कि अपने प्रदर्शन से ध्यान लोगों का खींचने में कामयाब होगी.

    सलिमा टेटे – सिमडेगा जिले से आने वाली सलिमा टेटे मिडफिल्ड की एक बेहतरीन प्लेयर है. हॉकी के लिए उनका जुनून इस बात से ही समझ में आ जाता है कि बचपन में बांस की छड़ी से खेला करती थी. उनकी लगन, मेहनत और पहाड़ा सरीखा संकल्प ही रहा, जो आज राष्ट्रीय टीम में जगह बनायी. हॉकी के मैदान में उनका जलवा और हुनर ही था कि एशिया हॉकी महासंघ ने 25 मार्च 2023 से 25 मार्च 2025 तक के लिए एशिया महादेश का एथलेटिक्स एंबेसडर बनाया है. सलीमा टेटे पिछले आधे दशक से अपने बेहतरीन खेल के दम राष्ट्रीय टीम की कामयाबियों में भागीदार रही हैं. उन्होंने 2017 में बेलारूस के खिलाफ पहली बार भारत के लिए डेब्यू किया था. 2021 में टोकियो ओलंपिक के लिए भी उन्होंने जगह बनाई. 2022 में आय़ोजित राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थीं. निकी के शानदार तजुर्बे का फायदा ओलंपिक क्वालीफायर मुकाबले में टीम को देखने को मिलेगा.

    संगीता कुमारी– सिमडेगा जिले के ही करंगागुरी-नवाटोली के आदिवासी गांव से आने वाली संगीता कुमार विरोधियों के खेंमे में घुसकर गोल बरसाने में माहिर है. फोरवर्ड लाइन से खेलने वाली संगीता हाल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गये तीन मैचों की सीरीज में दो गोल के साथ टॉप स्कोरर रही. उनके दमदार खेल की चर्चा काफी सुर्खियों में रही और हॉकी फैंन्स इस तेजतर्रार फोरवर्ड के मुरीद बन गये. चुस्त-दुरुस्त औऱ फुर्तीली फोरवर्ड संगीता फरवरी 2022 में स्पेन के खिलाफ प्रो लीग मैच में अपना पहला इंटरनेशल गोल करके नाम रोशन किया था. संगीता का संघर्षो को अब एक नया आयाम मिला है. अब उनके सामने आगे मिशन ओलंपिक क्वालीफायर हैं. जहां उनकी कोशिश अपने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार खेल दिखाने की होगी.

    राजधानी रांची में ओलंपिक क्वालीफायर के लिए टीमों का आना शुरु हो गया है, भारत समेत कुल आठ टीमे इस साल जुलाई-अगस्त में आयोजित होने वाले खेलों के महाकुंभ ओलंपिक में जगह बनाने के लिए एक दूसरे के खिलाफ भिड़ेंगी. 13 जनवरी से शुरु होने वाले मैच में टॉप थ्री टीमे ही पेरिस का टिकट कटा पायेगी. देखना यही है कि भारतीय महिला हॉकी टीम कप्तान सविता पुनिया की अगुवाई में कैसा प्रदर्शन करती हैं. राजधानी रांची में मुकाबला होने के चलते झारखंड की चार बेटियां संगीता,सलीमा, निक्की और ब्यूटी से भी दमदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी.

    रिपोर्ट- शिवपूजन सिंह 


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news