झारखंड में वर्षो से रह रही बहुसंख्यक आबादी को सरकार ने रिफ्यूजी बना दिया: कैलाश यादव


रांची (RANCHI ): अखिल भारतीय भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका मंच के अध्यक्ष कैलाश यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार पर बहुसंख्यक आबादी की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. कहा कि झारखंड में वर्षो से रह रही बहुसंख्यक आबादी को सरकार ने रिफ्यूजी बना दिया हैं. इसकी वजह उन्होंने स्थानीयता के लिए 1932 खतियान को आधार मानना बताई है.
उन्होंने कहा कि इस जनविरोधी एवं खतरनाक निर्णय से राज्य में निवास करने वाले बिहार,यूपी राजस्थान, उड़ीसा,बंगाल,पंजाब, मद्रास, छत्तीसगढ़ जैसे अनेकों राज्यों के लगभग 60 फीसदी बहुसंख्यक आबादी वाले लोग नौकरी पेशा एवं छोटे बड़े कारोबार व्यापार करने वाले स्थाई रूप से रिफ्यूजी कैटेगरी यानी अस्तित्वहीन हो जाएंगे.
लालू यादव से लगाई गुहार
कैलाश यादव ने कहा कि वो इस मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से गुहार लगाएंगे कि वो संज्ञान लेकर इसका कोई समाधान निकलवाएं. क्योंकि गठबंधन सरकार में राजद भी शामिल है। वर्ष 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति/डोमिसाइल नीति लागू करने की कोशिश की थी, तब तत्कालीन राजद नेता गिरिनाथ सिंह के नेतृत्व में मुखरता से सरकार के निर्णय का विरोध किया गया था. कहा कि हेमन्त सरकार ने पूर्व में नियोजन नीति से भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका सहित अन्य कई राजभाषाओं को क्षेत्रीय सूची से बाहर कर दिया है, जिसे लेकर लोगो मे काफी रोष व्याप्त है.
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