हजारीबाग (HAZARIBAGH): हजारीबाग जिले में जल संकट को लेकर नगर निगम ने बड़ा अभियान शुरू किया है. इस अभियान का मकसद शहर के जल स्रोतों को बचाने और सरकारी जमीनों को भू-माफियाओं से मुक्त कराना है. नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त और कार्यपालक अभियंता की अगुवाई में विशेष टीम ने विभिन्न वार्डों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान ओकनी तालाब के पास सरकारी जमीन पर अवैध रूप से खटाल बनाकर मवेशियों का गोबर सीधे तालाब में डंप करने का मामला सामने आया. जब टीम ने अतिक्रमण हटाने को कहा, तो खटाल संचालक के परिवार द्वारा अधिकारियों से अभद्र व्यवहार किया गया, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए सदर पुलिस ने संचालक को हिरासत में ले लिया. नगर आयुक्त ने ओकनी तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए जल्द डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया है.
बता दें, अमृत योजना के तहत जीर्णोद्धार के लिए चयनित वार्ड संख्या-12 स्थित धोबिया तालाब में भी भारी गड़बड़ी पकड़ी गई. यहाँ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए चिन्हित भूमि पर एक निजी व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से पक्का निर्माण किया जा रहा था. इसके अलावा निगम की जमीन पर बन रहे एक अवैध G+1 भवन के काम को भी नगर आयुक्त ने तुरंत रुकवा दिया और अंचल अधिकारी को जमीन की मापी करने का निर्देश दिया. संवेदक को सख्त हिदायत दी गई है कि मानसून की शुरुआत से पहले ही तालाब के कायाकल्प का कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाए.
इसके साथ ही भ्रमण के अगले चरण में टीम ने कालीबाड़ी मीठा तालाब के पास बन रहे वेंडिंग मार्केट और बस स्टैंड के समीप नवनिर्मित G+2 मार्केट कॉम्प्लेक्स का जायजा लिया. दोनों ही स्थानों पर भारी अतिक्रमण देखकर नगर आयुक्त ने सहायक नगर आयुक्त को अविलंब 'ड्राइव' चलाकर इसे खाली कराने का आदेश दिया. बस स्टैंड कॉम्प्लेक्स के मुख्य गेट के पास बने अवैध शेड को ध्वस्त करने के लिए दो दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है. वहीं, मटवारी ग्राउंड के निकट बन रहे वेंडिंग मार्केट का 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण पाया गया, जिसे गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है.

