अनिल टाइगर के हत्यारे को पुलिस भेज देती जेल तो नहीं होती सोमा मुंडा की हत्या
.jpg&w=3840&q=75)
.jpg&w=3840&q=75)
रांची(RANCHI): पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या मामले का खूंटी पुलिस ने खुलासा किया. सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इस आरोपी में अनिल टाइगर का हत्यारा भी शामिल निकला.जिसके बाद सवाल उठा की अगर रांची पुलिस कांके में हुई हत्या मामले में मुख्य सजिशकर्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजती तो सोमा मुंडा की हत्या नहीं होती.इस खबर में बात करेंगे की कौन है वह सजिशकर्ता जिसे रांची पुलिस ने बचाया और फिर उसने दूसरी हत्या की कहानी लिख डाली.
सबसे पहले जान लेते है कि आखिर अनिल टाइगर और सोमा मुंडा हत्या मामले में कौन शामिल है. 11 अप्रैल 2024 की शाम चार बजे भाजपा नेता सह महावीर मण्डल अध्यक्ष अनिल टाइगर की हत्या कांके चौक पर अपराधियों ने कर दी. इस हत्याकांड के बाद रांची में खूब बवाल हुआ. पुलिस के खिलाफ लोगों में गुस्सा दिखा था. आखिर में वरीय पुलिस अधीक्षक ने एक SIT बनाई और पूरे मामले का खुलासा किया. जिसमें जमीन विवाद की बात सामने आई.
तत्कालीन SSP चंदन कुमार सिन्हा ने प्रेस वार्ता कर बताया था कि अनुसंधान के दौरान यह जानकारी लगी की अनिल महतो और टाइगर अनिल महतो की दुश्मनी देवव्रत नाथ शाहदेव किशोरगंज के रहने वाले से चल रही थी. एक 10 एकड़ की जमीन कांके थाना क्षेत्र के चाम गुरु मौज मे थी
इस मामले में चार आरोपियों की गिरफ़्तारी भी हुई. लेकिन मुख्य सजिशकर्ता देव व्रत नाथ शाहदेव को पुलिस नहीं पकड़ पाई. आखिर में उसे बाहर से ही जमानत मिल गई. अब इस घटना के 10 माह बाद फिर 7 जनवरी 2026 को देवव्रत नाथ शाहदेव ने एक साजिश रची और इस बार खूंटी के पहड़ा राजा सोमा मुंडा की हत्या करा दी.
खूंटी के पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो ने सोमा मुंडा हत्याकांड में प्रेस वार्ता किया. सात आरोपियों की गिरफ़्तारी हुई. जिसमें देवव्रत नाथ शाहदेव भी शामिल था. उन्होंने बताया कि जमीन कब्जे को लेकर विवाद में पड़हा राजा की हत्या की गई है. हुटार स्तिथ 3.16 एकड़ जमीन को लेकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया.
ऐसे में अब सवाल उठने लगा की अगर रांची पुलिस अनिल टाइगर हत्याकांड में सही तरीके से अनुसंधान करती और देवव्रत नाथ शाहदेव को गिरफ्तार कर जेल भेज देती तो शायद देवव्रत जेल में रहते और सोमा मुंडा की हत्या होने से बच जाती. लेकिन रांची पुलिस ने उनपर मेहरबानी की थी और गिरफ्तार ही नहीं कर सकी. जिसका नतीजा हुआ की बाहर से ही कोर्ट ने बेल दे दिया था. खैर अब खूंटी पुलिस ने सोमा मुंडा की हत्या मामले में उसे जेल भेज दिया है.
बता दे कि सोमा मुंडा की हत्या खूंटी में अपराधियों ने गोली मार कर 7 जनवरी को कर दी थी. वह खूंटी बाजार से लौट रहे थे तभी चलती बाइक पर उन्हे गोली मारी गई.
4+