गढ़वा (GARHWA): जिले में इंसानियत और रिश्तों की मिसाल पेश करने वाली एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया. मेराल थाना क्षेत्र के चामा पंचायत अंतर्गत गोबरदाहा गांव में गुरुवार सुबह हड़वड़िया डैम में डूबने से फूआ और भतीजे की मौत हो गई. फूआ को बचाने के लिए पानी में कूदे भतीजे ने अपनी जान की परवाह नहीं की, लेकिन आखिरकार दोनों की डूबने से मौत हो गई. घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.
जानकारी के अनुसार गोबरदाहा गांव निवासी अजीमुद्दीन खान की करीब 13 वर्षीय पुत्री जैनाब खातून गुरुवार सुबह किसी कारण से डैम में चली गई और गहरे पानी में डूबने लगी. जैनाब को डूबता देख रिश्ते में उसका भतीजा सोहेल खान बिना देर किए उसे बचाने के लिए पानी में कूद पड़ा. हालांकि पानी अधिक गहरा होने के कारण वह खुद भी संतुलन खो बैठा और दोनों डूब गए.
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश शुरू की गई. सूचना मिलने पर मेराल अंचलाधिकारी यशवंत नायक और थाना प्रभारी विष्णुकांत भी घटनास्थल पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया. करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.
दोनों शवों को तत्काल इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव में शोक का माहौल बना हुआ है और हर आंख नम दिखाई दे रही है. घटना की सूचना मिलने पर झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का भरोसा दिया. वहीं मुखिया शंभू राम ने भी परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि सरकारी प्रावधानों के तहत आपदा राहत से मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा.
रिपोर्ट : धर्मेन्द्र कुमार

