जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जिले से सटे चांडिल क्षेत्र में हाथियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. रोज कहीं ना कहीं हाथी उपद्रव मचा रहे है. अब चांडिल रेंज के गुंडा गांव में गजराज का कहर देखने मिला है. यहां झुंड से बिछड़ा एक हाथी भोर करीब 4 बजे गांव में घुस आया और जमकर उत्पात मचाया. हाथी ने राधा नाथ महतो, कृष्ण पर महतो, हरिपद महतो और मिलन महतो के घरों को बुरी तरह तोड़ डाला. उस समय सभी लोग घर में सो रहे थे, लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई. हाथी ने खेतों में लगी सब्जी की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचाया. अचानक गांव में हाथी के घुसने से पूरे गांव में दहशत फैल गई. ग्रामीणों ने एकजुट होकर मशाल और शोर-शराबे के सहारे हाथी को किसी तरह जंगल की ओर खदेड़ा. घटना के बाद से गांव में भय का माहौल बना हुआ है. हाथी के उत्पात के कारण किसान और ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान हुआ है.
रातभर जागने को मजबूर ग्रामीण
चांडिल क्षेत्र में जंगली हाथियों का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. यहां 50 से अधिक गांवों में हाथियों का उत्पात है. इसके कारण ग्रामीण पूरी रात जागकर काटने को मजबूर हैं. जैसे ही हाथियों के आने की भनक लगती है, ग्रामीण मशाल लेकर उन्हें खदेड़ने के लिए दौड़ पड़ते हैं. गुंडा, कुसपुतुल, अंडा, रामनगर, नीमडीह समेत कई गांवों में हाथियों का आना आम बात हो गई है. हाथियों के झुंड खेतों और घरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने क्यूआरटी को तैनात किया है, जो हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है. बावजूद इसके, गांवों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है.
वन विभाग के तमाम प्रयास विफल
हाथियों से लोगों की सुरक्षा करने में वन विभाग के तमाम प्रयास विफल साबित हो रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है की सूचना देने के बाद भी टीम को गांव में नहीं भेजा जाता है. वन विभाग भी हाथियों को सुरक्षित स्थान पर नहीं खदेड़ आ रही है. हाथियों से सुरक्षा के लिए चांडिल क्षेत्र में सोलर फेंसिंग भी की गई है इसके बाद भी हाथियों का उपद्रव नहीं रुक रहा है. पश्चिम बंगाल की सीमा से हाथियों का दल चांडिल सीमा में प्रवेश करता है. चांडिल क्षेत्र में फिलहाल 20 से अधिक हाथी विचरण कर रहे है. कुछ हाथी झुंड में तो कुछ हाथी सिंगल ही गांव में उत्पात मचा रहा है.
Thenewspost - Jharkhand
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